नेपाल की सीमा पर मेडिकल सर्विलांस के साथ-साथ जनजागरण पर जोर
Updated at : 21 Feb 2020 6:05 AM (IST)
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पूर्णिया : चीन से दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के फैलने के बाद जहां सीमांचल से सटे नेपाल की सीमा पर मेडिकल सर्विलांस किया जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग हर प्रकार की पहल में जुटा है जिससे कोरोना वायरस के भारतीय सीमा में आने को टाला जा सके. इसी कड़ी में पूर्णिया […]
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पूर्णिया : चीन से दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के फैलने के बाद जहां सीमांचल से सटे नेपाल की सीमा पर मेडिकल सर्विलांस किया जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग हर प्रकार की पहल में जुटा है जिससे कोरोना वायरस के भारतीय सीमा में आने को टाला जा सके.
इसी कड़ी में पूर्णिया प्रमंडल के प्रभारी क्षेत्रीय अपर निदेशक सह सिविल सर्जन, पूर्णिया डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने फिलहाल मांसाहार से परहेज करने की अपील की है. सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि जिस प्रकार से कोरोना वायरस ने चीन से बाहर पांव पसारा है, उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.
चूंकि पशुओं के माध्यम से कोरोना वायरस का प्रसार मनुष्य में हुआ है, इसलिए मांसाहार को लेकर लोगों को सजग रहने की जरूरत है. सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का काम लोगों को जागरूक करना है. जहां तक मांसाहार पर प्रतिबंध की बात है तो यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है. इसपर प्रशासन ही कोई निर्णय ले सकता है.
पशु-पक्षी व जलीय जीवों के मांस के शौकीन हैं सीमांचल के लोग :
स्वास्थ्य विभाग की असली चिंता की वजह सीमांचल के लोगों के खाने-पीने का शौक. खासतौर से पशु-पक्षियों व जलीय जीवों के मांस की यहां खपत ज्यादा है. जबकि पक्षियों के आकाशीय गमन पर कोई रोक नहीं है. इसलिए प्रभावित इलाकों से पक्षियों के आगमन से इनकार भी नहीं किया जा सकता है. इसलिए भी मांसाहार से परहेज करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.
गांव-गांव में जागरूक कर रहा स्वास्थ्य विभाग :
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग को दोहरी जिम्मेवारी निभानी पड़ रही है. विभाग की कोशिश है कि लोग सजग भी रहें और किसी प्रकार का भ्रम भी नहीं पालें. इसलिए कोरोना वायरस को लेकर गांव-गांव में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं पालें. अगर कुछ शंका है तो फौरन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर अपनी शंका का निवारण कर लें.
हाल में सर्विलांस पर थे पूर्णिया के चार व्यक्ति : पूर्णिया. कुछ दिन पहले चीन से लौटने के बाद पूर्णिया जिले के चार व्यक्ति को बिहार से बाहर ही मेडिकल सर्विलांस पर लिया गया था. इनमें से तीन मेडिकल छात्र को संगरोधी वार्ड में रखकर वाच भी किया गया.
कई वायरस का समूह है कोरोना
कोरोना वायरस कई वायरस (विषाणु) प्रकारों का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग के कारक होते हैं. यह आरएनए वायरस होते हैं. मानवों में यह श्वास तंत्र संक्रमण के कारण होते हैं, जो अधिकांश रूप से मध्यम गहनता के लेकिन कभी-कभी जानलेवा होते हैं. गाय और सूअर में यह अतिसार और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग के कारण बनते हैं.
विभाग की कोशिश है कि लोग सजग भी रहें और किसी प्रकार का भ्रम भी नहीं पालें
रोकथाम का टीका अनुपलब्ध
कोरोना वारस की रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या वायररोधी (एंटीवायरल) अभी उपलब्ध नहीं है. इसके उपचार के लिए प्राणी की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भरता है. फिलहाल इसके रोगलक्षणों यथा-निर्जलीकरण , ज्वर,आदि का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे.
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