प्रशांत किशोर के शपथ ग्रहण की तारीख आई, BJP उम्मीदवार को 19324 वोटों से हराकर बने पार्टी के पहले विधायक

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प्रशांत किशोर

Prashant Kishor Oath Date: जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर 17 अगस्त को बांकीपुर सीट से नए विधायक के रूप में शपथ लेंगे. विधानसभा सत्र न चलने के कारण स्पीकर प्रेम कुमार उन्हें अपने चैंबर में शपथ दिलाएंगे. पीके ने बीजेपी का तीन दशक पुराना गढ़ तोड़कर जन सुराज का पहला विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

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Prashant Kishor Oath Date: बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी को हराकर विधायक बने प्रशांत किशोर अब बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. उनके शपथ ग्रहण की तारीख तय हो गई है. विधानसभा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर 17 अगस्त को सुबह 10:30 बजे विधायक पद की शपथ लेंगे.

स्पीकर के चैंबर में होगी शपथ

प्रशांत किशोर को विधानसभा के मुख्य भवन में स्पीकर प्रेम कुमार के कार्यालय कक्ष में शपथ दिलाई जाएगी. इस समय बिहार विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है. मॉनसून सत्र भी खत्म हो चुका है. ऐसे में नए विधायक को सदन के अंदर शपथ दिलाने की स्थिति नहीं है. इसी वजह से विधानसभा स्पीकर अपने चैंबर में प्रशांत किशोर को शपथ दिलाएंगे.

सत्र के दौरान सदन में होती है शपथ

आमतौर पर नए विधायक विधानसभा सत्र के दौरान सदन के अंदर ही शपथ लेते हैं. लेकिन अभी सदन की कार्यवाही नहीं चल रही है. अगला शीतकालीन सत्र काफी समय बाद होना है. इसलिए प्रशांत किशोर को विधानसभा का कामकाज शुरू होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. नियम के तहत स्पीकर अपने कार्यालय में भी नए विधायक को शपथ दिला सकते हैं.

विधायक के लिए शपथ लेना क्यों जरूरी है

संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार, चुनाव जीतने वाले विधायक के लिए विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेना जरूरी है. शपथ लेने के बाद ही विधायक को मिलने वाले भत्ते और दूसरी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं. इसके अलावा शपथ से पहले नया विधायक विधानसभा में बहस और मतदान में हिस्सा नहीं ले सकता. इसलिए 17 अगस्त को शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर को विधानसभा में विधायक के तौर पर काम करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा.

जन सुराज के पहले विधायक बने प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर की विधानसभा में एंट्री जन सुराज पार्टी के लिए भी खास है. करीब दो साल पहले जन सुराज पार्टी बनाने वाले प्रशांत किशोर अब अपने दल के पहले और एकमात्र विधायक हैं. पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी. इसके बाद बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करके प्रशांत किशोर ने विधानसभा में पार्टी का खाता खोला.

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बांकीपुर में बीजेपी के मजबूत गढ़ को तोड़ा

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19324 वोटों से हराया था. यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर लंबे समय से बीजेपी का मजबूत इलाका रहा है. 3 अगस्त को आए चुनाव परिणाम में प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने.

बांकीपुर सीट पर लंबे समय से बीजेपी का मजबूत असर रहा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं. इससे पहले उनके पिता भी चार बार इसी सीट से बीजेपी के विधायक रहे. यानी करीब तीन दशक तक बांकीपुर पर बीजेपी का दबदबा रहा. नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ. प्रशांत किशोर ने इसी चुनाव में बीजेपी के मजबूत गढ़ में सेंध लगाकर जन सुराज का झंडा बुलंद किया.

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परितोष शाही

लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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