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आटा, सत्तू, बेसन, फलों का जूस बेचकर तोड़ेंगे गरीबी की रेखा

Updated at : 15 May 2025 1:19 AM (IST)
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आटा, सत्तू, बेसन, फलों का जूस बेचकर तोड़ेंगे गरीबी की रेखा

राज्य में चिह्नित किये गये आर्थिक रूप से बेहद गरीब परिवारों के हजारों लोगों ने गरीबी की रेखा से बाहर आने के लिए आटा,सत्तू, बेसन, मसाला उत्पादन और फलों का जूस बेचने के लिए सरकार से वित्तीय मदद मांगी है.

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महिला आवेदक ब्यूटी पार्लर चलाकर देंगी गरीबी को चुनौती राजदेव पांडेय,पटना राज्य में चिह्नित किये गये आर्थिक रूप से बेहद गरीब परिवारों के हजारों लोगों ने गरीबी की रेखा से बाहर आने के लिए आटा,सत्तू, बेसन, मसाला उत्पादन और फलों का जूस बेचने के लिए सरकार से वित्तीय मदद मांगी है. इन व्यवसायों के लिए आये आवेदनों में से करीब 40 % से अधिक आवेदन इन्हीं क्षेत्रों के लिए आये हैं. उद्योग विभाग इसके लिए बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये बतौर अनुदान मुहैया करा रहा है. उद्यमिता के संदर्भ यह तस्वीर बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में आवेदकों की तरफ से आयी परियोजना रिपोर्ट में उभर कर सामने आयी है. इसमें से सबसे अधिक 6781 आवेदन आटा,सत्तू, एवं बेसन उत्पादन के क्षेत्र में , 3184 आवेदन मसाला उत्पादन के लिए , पापड़ एवं बड़ी उत्पादन में 1705 और फलों की जूस इकाई लगाने के लिए 2598 आवेदन आये हैं. इसके अलावा फूलमाला,सजावटी माला निर्माण के लिए 1498 आवेदन आये हैं. यह सभी वे व्यवसाय हैं, जिनका कच्चा माल बिहार की खेतिहर, कृषि अर्थव्यवस्था में आसानी से उपलब्ध हैं. लिहाजा उद्योग विभाग ने इन व्यवसायों में सफलता की अधिकतम की संभावनाओं को देखते हुए उनके आवेदनों को स्वीकृत किया है. खास बात ये है कि गरीबी दूर करने के लिए ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू करने के लिए 4031 आवेदन आये हैं. घर बनाने और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े राजमिस्त्री का काम शुरू करने के लिए 2265 आवेदन स्वीकृत हुए हैं. आवेदकों में 3606 ऐसे भी युवा हैं, जो मोबाइल एवं चार्जर रिपेयरिंग का काम करके आत्मनिर्भर होना चाहते हैं. साथ ही 4499 आवेदक आइटी बिजनेस केंद्र संचालित करना चाहते हैं. वहीं, रेडीमेड वस्त्र निर्माण के लिए 5125 लोगों ने दो लाख का अनुदान मांगा है. जानकारी के अनुसार कुल करीब 56 हजार आवेदन मंजूर किये गये हैं. इनमें से 35292 आवेदकों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट अभी तक स्वीकृत की जा चुकी हैं. शेष पर काम चल रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN

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By RAKESH RANJAN

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