संवाददाता, पटना
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव एनडीए मजबूती से लड़ेगा. इसे लेकर प्रदेश मुख्यालय से बूथ स्तर तक घटक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच आपसी तालमेल और साझेदारी को बेहतर किया जायेगा. इसमें किसी भी विरोधाभास को तुरंत दूर करने के लिए बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी जायेगी. आपसी तालमेल बेहतर करने को लेकर एनडीए घटक दल के नेताओं ने एक स्वर से सहमति दी है. यह सहमति रविवार को 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में एनडीए घटक दल के नेताओं की बैठक में बनी. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित घटक दलों के शीर्ष नेता मौजूद रहे. इस बैठक में घटक दलों के शीर्ष नेताओं ने बारी-बारी से अपनी बातें रखीं. बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के तय लक्ष्य 225 सीटों पर विजय हासिल करने की रणनीति पर चर्चा करना भी था. इस बैठक में बिहार एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया. इसके साथ ही एकजुट होकर चुनाव में मजबूत प्रदर्शन का संकल्प लिया. इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शुरुआती रणनीति पर चर्चा हुई. साथ ही आने वाले समय में कैसे एनडीए जमीनी स्तर पर जनता से और बेहतर जुड़ाव स्थापित करे इस पर रणनीति तय की गई. करीब 40 मिनट तक चली बैठक में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), रालोमो और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं ने विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने की कार्ययोजना पर काम करने की सहमति दी.
इस बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, प्रभारी विनोद तावड़े, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, हम अध्यक्ष संतोष सुमन, मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान पार्षद ललन सर्राफ आदि मौजूद रहे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

