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थाना भवनों के तय समय पर निर्माण नहीं होने से नाराज हुए मुख्यमंत्री, बोले - आधे-अधुरे काम को शीघ्र करें पूरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सभी थाना भवनों का तय समय पर निर्माण और इसके बाद मेंटेनेंस सुनिश्चित करें. इसके लिए सरकार हर तरह से मदद करेगी.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
फाइल फोटो

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सभी थाना भवनों का तय समय पर निर्माण और इसके बाद मेंटेनेंस सुनिश्चित करें. इसके लिए सरकार हर तरह से मदद करेगी. उन्होंने इस बात पर नाराजगी जतायी की कि अब तक कई पुलिस थानों के भवन नहीं बने हैं. इस संबंध में उन्होंने जल्द बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिस पर अधिकारियों ने गुरुवार की शाम काे ही बैठक का आश्वासन दिया.

मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अधिकारियों को नियमित रूप से पेट्रोलिंग करने, अनुसंधान में तेजी लाने, स्पीडी ट्रायल कराने सहित शराबबंदी की सही तरीके से निगरानी का निर्देश दिया. साथ ही विकास आयुक्त आमिर सुबहानी के बारे में सीएम ने कहा कि उन्हें यह सब देखना चाहिए था. उन्होंने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद के बारे में कहा कि उन्हें अभी पुलिस भवनों के निर्माण से संबंधित पूरी जानकारी नहीं है.

मुख्यमंत्री शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करीब 237.881 करोड़ रुपये से बने 94 पुलिस भवनों का उद्घाटन और करीब 149.96 करोड़ से बनने वाले 57 पुलिस भवनों का शिलान्यास करने के बाद संबोधित कर रहे थे. उद्घाटन किये जाने वाले भवनों में 38 थाना भवन, सुपौल पुलिस लाइन, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान बिहटा समेत कुल 94 नवनिर्मित पुलिस भवन सम्मिलित हैं.

शराब का धंधा कई जगह लोग करते हैं, पकड़ाते हैं कहीं-कहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब का धंधा कई जगह लोग करते हैं, लेकिन कहीं-कहीं पकड़ाते हैं. उन्होंने इस काम में पुलिस एकेडमी से प्रशिक्षित अधिकारियों को भी लगाने और हर थाने की रिपाेर्ट लेने का अधिकारियों को निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि थोड़े-थोड़े कामों का उद्घाटन-शिलान्यास करने में रुचि नहीं है.

आपलोग एक साथ काम पूरा कीजिए, तभी अब उद्घाटन करने जायेंगे. जब 2005 में हमलोगों को काम करने का मौका मिला, उसके पहले क्या स्थिति थी? पुलिस की वर्दी, गाड़ी, हथियार और भवन कैसे थे? उसी समय निर्णय लिया था कि पुलिस भवनों का निर्माण करायेंगे. साथ ही सभी चीजों की व्यवस्था की गयी.

पुलिस भवन निर्माण निगम की स्थापना 1974 में स्थापित की गयी थी, लेकिन हमलोगों से पहले इसे बंद करने का निर्णय लिया गया था. 2007 में हमने फिर से जीवित किया. अब पुलिस से जुड़े सभी भवनों का निर्माण पुलिस भवन निर्माण निगम करता है. एक लाख 40 हजार पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है. जरूरत करने पर आगे भी होगी.

राजगीर पुलिस एकेडमी का निर्माण कार्य अब तक नहीं हुआ पूरा

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर में पुलिस एकेडमी बन रही है. अब तक उसका काम पूरा नहीं हुआ है. विकास आयुक्त आमिर सुबहानी का जिक्र कर उन्होंने कहा कि राजगीर पुलिस एकेडमी बनाने की जिम्मेदारी उन्हें दी गयी है. उसका शिलान्यास 2018 में किया गया था.

एक-एक जगह जाकर देख लिये, सिर्फ एक-दो जगहों पर काम शुरू हुआ है. वहां दो हजार पुरुष और दाे हजार महिला पुलिस बल का प्रशिक्षण होना है. उन्होंने कहा कि 234 थाना भवन बन रहे हैं, 156 निविदा प्रक्रिया में हैं, 143 के लिए जमीन मिल गयी है और 90 के लिए जमीन चिह्नित की गयी है, इन सबका निर्माण जल्द शुरू हो.

हर थाने में हो महिलाओं की तैनाती

सीएम ने अधिकारियों से कहा कि हर थाने में महिलाओं की भी तैनाती होनी चाहिए, साथ ही महिलाओं के लिए शौचालय, स्नानघर, बैठने की व्यवस्था की गयी है, इसे बेहतर होना चाहिए. उन्होंने महिलाओं को 35% आरक्षण दिये जाने का जिक्र कर कहा कि पुलिस में बड़ी संख्या में महिलाएं आयी हैं. शायद यह संख्या देश में सबसे अधिक बिहार में है.

ये रहे मौजूद

इस दौरान मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार, डीजीपी एसके सिंघल, आलोक राज, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

थानों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं, तो निजी जमीन खरीदें

मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर क्‍या बात है कि 15 थानों के लिए राज्‍य में अब तक जमीन ही नहीं मिल पायी है. अगर सरकारी जमीन उपलब्‍ध नहीं है, तो जमीन खरीदकर भी इसका रास्ता निकालें. जिस निजी जमीन पर थाना चल रहा है, उसी को खरीदने के विकल्प पर विचार करें. जमीन नहीं मिल रही है, तो थाने की जगह बदलने की भी कोशिश हो सकती है. इस संबंध में स्थानीय डीएम और एसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया.

Posted by Ashish Jha

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