बिहार चुनाव से पहले बॉर्डर पर निगरानी सख्त, 393 चेकपोस्ट तैयार, 305 बाहरी अपराधियों की हुई पहचान

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 22 Sep 2025 10:18 PM

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एडीजी (मद्य निषेध) अमित कुमार जैन

Bihar Elections: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है. अवैध शराब, नशीले पदार्थ और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए बिहार और आसपास के राज्यों में सैकड़ों चेकपोस्ट बनाए जा रहे हैं. पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब जब्त कर कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है.

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Bihar Elections: एडीजी (मद्य निषेध) अमित कुमार जैन ने सोमवार को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और निगरानी कड़ी कर दी गई है. शराब, हथियार और दूसरे नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 23 मुख्य जगहों पर 393 चेकपोस्ट बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा, बिहार से सटे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी 176 मिरर चेकपोस्ट बनाए जाएंगे. इनमें यूपी में 96, बंगाल में 34 और झारखंड में 46 चेकपोस्ट होंगे.

2016 से अब तक कितनी लीटर शराब पकड़ी गई

अमित कुमार जैन ने बताया कि जनवरी से अगस्त 2025 तक पुलिस ने 6 लाख 20 हजार लीटर से ज्यादा अवैध शराब जब्त की है. इसकी कीमत करीब 73 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत ज्यादा है. शराबबंदी लागू होने से अब तक 2 करोड़ 75 लाख लीटर से ज्यादा शराब पकड़ी गई है, जिसमें से 97 फीसदी नष्ट की जा चुकी है.

इस साल कितने लोगों की हुई गिरफ्तारी

नेपाल से हो रही तस्करी रोकने के लिए बिहार-नेपाल सीमा पर इस साल जुलाई तक 188 बैठकें की गई हैं. इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी कई बार बातचीत हो चुकी है. अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्रवाई में इस साल अगस्त तक 84789 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें शराब पीने वाले, वारंटी और सप्लाई करने वाले सभी शामिल हैं. इनमें से 14 हजार से ज्यादा लोगों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज किए गए हैं, जबकि कई पर बीएनएसएस और सीसीए जैसी धाराओं में मुकदमे चल रहे हैं.

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बाहरी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

बिहार के बाहर से तस्करी करने वाले 305 अपराधियों की पहचान भी की गई है और उनकी सूची संबंधित राज्यों की पुलिस को भेज दी गई है. अब तक बिहार पुलिस ने दूसरे राज्यों से आकर 5 तस्करों को गिरफ्तार भी किया है.

सबसे ज्यादा शराब यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश से बिहार में लाई जाती है. जब्त शराब की बोतलों पर लगे क्यूआर कोड और बैच नंबर से यह पता लगाया जा रहा है कि वह किन दुकानदारों या थोक विक्रेताओं से जुड़ी है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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