साहब मैं भूखा हूं, इधर आटा महंगा बेच रहा है

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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साहब भूखा हूं, खाना भिजवा दीजिए़ सर, लॉकडाउन में अधिकांश व्यापारी आटा के रेट बढ़ा दिये हैं. मेरे पड़ोस में कुछ लोग बाहर से आये हैं, उनकी जांच करा लो़ लॉकडाउन के बाद अब पुलिस कंट्रोल रूम पर कुछ इसी तरह मदद मांगने के साथ शिकायतें भी आ रही हैं.

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आनंद तिवारी, पटना : साहब भूखा हूं, खाना भिजवा दीजिए़ सर, लॉकडाउन में अधिकांश व्यापारी आटा के रेट बढ़ा दिये हैं. मेरे पड़ोस में कुछ लोग बाहर से आये हैं, उनकी जांच करा लो़ लॉकडाउन के बाद अब पुलिस कंट्रोल रूम पर कुछ इसी तरह मदद मांगने के साथ शिकायतें भी आ रही हैं. पांच दिनों में करीब 600 ऐसे मामले आ चुके हैं. एसएसपी ने सभी थानेदारों को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मदद का निर्देश दिया है. हालांकि, पुलिस व प्रशासन ने गरीबों को खाद्य सामग्री बांटने की व्यवस्था की है. लेकिन, सभी गरीबों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच रही है. ऐसे में पुलिस कंट्रोल रूम व डायल-100 पर लोग फोन कर मदद मांग रहे हैं.

एसएसपी ने सभी थानेदारों को मदद का निर्देश दिया

पुलिस कंट्रोल रूम में फुलवारीशरीफ से एक व्यक्ति का फोन आया कि उसके मोहल्ले में कुछ लोग बाहर से आये हैं. उन्होंने कोई जांच भी नहीं करायी है. अगर उन्हें कोरोना हुआ, तो आसपास के लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए इन लोगों की जांच करा लो. मेरा नाम गुप्त रखना. कंट्रोल रूम के मुताबिक संबंधित जगह पुलिस गयी व सिविल सर्जन की मदद से बाहर से आये लोगों की जांच करायी गयी. जिसमें कोरोना निगेटिव मिला है.

एसएसपी ने सभी थानेदारों को मदद का निर्देश दिया

कंट्रोल रूम के मुताबिक करीब 20 से 25 लोगों ने फोन करके कहा है कि लॉकडाउन होने के बाद शहर के अधिकांश व्यापारियों ने खाद्य सामग्रियों के रेट बढ़ा दिये हैं. सबसे अधिक आटा का भाव बढ़ा हुआ है. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि वह और उनका परिवार भूखा है, कृपया खाने की व्यवस्था करा दें. पीरबहोर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम में फोन कर कहा कि लॉकडाउन के बावजूद लोग सड़क किनारे बैठ कर जुआ व ताश खेल रहे हैं. कैसे सोशल डिस्टेंस होगा. कोरोना वायरस से क्या इस तरह से बच सकते हैं? हालांकि, पुलिस ने संबंधित जगह पहुंच कर जुआ खेल रहे करीब पांच लोगों को गिरफ्तार किया.

कंट्रोल रूम में फोन करने वाले जरूरतमंद लोगों की मदद की जा रही है़ वहीं, लॉकडाउन लागू होने पर रेंज में आने वाले सभी सिटी एसपी, डीएसपी व थाना प्रभारियों को लोगों की मदद करने के निर्देश दिये गये हैं. कंट्रोल रूम में फोन कर कोई मदद मांगता है, तो उसे खाद्य सामग्री उपलब्ध करा दी जाती है. जो लोग कोरोना से संबंधित जानकारी दे रहे हैं उनको भी गंभीरता से लेकर संबंधित लोगों की जांच करायी जा रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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