बिहार में स्कूल टीचरों को करनी होगी 8 घंटे की ड्यूटी, टाइमिंग को लेकर सख्त हुए केके पाठक

Published by :Ashish Jha
Published at :23 Feb 2024 12:54 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार में स्कूल टीचरों को करनी होगी 8 घंटे की ड्यूटी, टाइमिंग को लेकर सख्त हुए केके पाठक

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूल के टीचरों को कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी करनी ही होगी. उन्हें 9 से 5 की ड्यूटी करनी होगी. वैसे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पहले की तरह रहेगा. नयी समयावधि के दौरान कुल आठ घंटी पढ़ाई होगी.

विज्ञापन

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधानसभा में स्कूल टाइमिंग को लेकर दिये गये बयान के बाद शिक्षा विभाग ने इसपर समीक्षा की है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूल के टीचरों को कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी करनी ही होगी. उन्हें 9 से 5 की ड्यूटी करनी होगी. वैसे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पहले की तरह रहेगा. नयी समयावधि के दौरान कुल आठ घंटी पढ़ाई होगी. शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद बुधवार को विधानसभा में भारी हंगामा हुआ. विपक्ष ने नीतीश कुमार के मंगलवार को दिये बयान से उलट शिक्षा विभाग की ओर से आये इस नये आदेश का विरोध किया और सदन का बहिष्कार किया.

बच्चे से पहले शिक्षकों को आना होगा स्कूल

नीतीश कुमार ने कहा कि पढ़ाई का समय 10 से 4 तक होगा. लेकिन टीचर को 10 बजे से पंद्रह मिनट पहले यानि पौने दस बजे में स्कूल आना होगा. विपक्ष के विरोध के बीच नीतीश कुमार ने कहा-स्कूल चलाने का यही तरीका है. बच्चों के स्कूल आने से 15 मिनट पहले टीचर को स्कूल आना होगा. चार बजे जब पढ़ाई पूरी हो जायेगी तो टीचर 15 मिनट बाद चला जायेगा. यानि टीचर स्कूल छोड़ने का समय सवा चार बजे होगा. यही तरीका है.  इस के बाद सरकार का पक्ष रखते हुए शिक्षामंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल में पढ़ाई 10 से चार ही होगी और शिक्षकों को कक्षा शुरू होने से पहले स्कूल आना होगा. मुख्यमंत्री का बयान ही सरकार का फैसला है और यही लागू होगा.

सुबह 9 बजे आना होगा स्कूल, 10 बजे से होगी पढ़ाई

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने स्कूल के संचालन का समय 10 बजे से 4 बजे तक रखने की बात कही थी. मुख्यमंत्री के बयान के चंद घंटे बाद निदेशक माध्यमिक शिक्षा, कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव की ओर से एक पत्र जारी किया गया. उसमें कहा गया कि अब स्कूल का गेट 8 बजकर 30 मिनट पर खुलेगा. शिक्षकों को 9 बजे अपनी हाजिरी लगानी होगी. स्कूल में सुबह 10 बजे से दोपहर चार बजे तक कुल आठ घंटी पढ़ाई होगी. बाकी पहले की प्रक्रिया यथावत रहेगी. यानी 10 बजे से 4 बजे तक घंटी का संचालन होगा. उसके अलावा बाकी कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे. पीरियड खत्म होने के बाद मिशन दक्ष की कक्षाएं चलेंगी. इसके बाद आधा घंटा के बच्चों को छोड़ कर होम वर्क चेक किये जायेंगे. पाठ टीका तैयार की जायेगी. शिक्षकों को दक्षता कक्षा और प्रधानाध्यापक को वीसी में शामिल रहना होगा.

आठ घंटी होगी पढ़ाई

पहली घंटी : 10-10:40
दूसरी घंटी : 10:40-11:20
तीसरी घंटी : 11:20-12:10
चौथी घंटी : 12:10-12:50
मध्यांतर : 12:50-01:30
पांचवी घंटी : 01:30-2:10
छठी घंटी : 2:10-2:50
सातवीं घंटी : 2:50-3:30
आठवीं घंटी : 3:30-4:00

डीईओ करेंगे शिक्षकों की निगरानी

पहली घंटी से पहले प्रार्थना / योगाभ्यास/ व्यायाम / ड्रिल की जायेगी. जाहिर है कि यह कवायद अभी भी दस बजे से पहले ही होगी. ऐसे में शिक्षकोंं को पहली घंटी से कम से कम आधा घंटा पहले ही पहुंचना होगा. दरअसल मंगलवार को जारी अधिसूचना में घंटी शुरू होने से पहले और आठवीं घंटी के बाद की गतिविधियों के बारे में कुछ नहीं लिखा गया है. शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की उपस्थिति को निगरानी में रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने एक अलग पत्र जारी किया. पत्र के अनुसार शिक्षकों को अपनी उपस्थिति का प्रमाण देने की बात कही गई है. आदेश के मुताबिक उसकी निगरानी जिला स्तर और राज्य स्तर पर बने कमांड कंट्रोल सेंटर से की जायेगी. हर डीईओ को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है.

Also Read: बिहार के दो खनिज ब्लॉकों की नीलामी का रास्ता साफ

विवादों में रहे हैं केके पाठक के कई फैसले

बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद केके पाठक की ओर से अब तक दो सौ से ज्यादा आदेश पत्र जारी हुए होंगे. उन्होंने पदभार संभालने के बाद से शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए कई तरह के प्रयास शुरू किए. उन प्रयासों का असर स्कूलों में दिखने लगा. स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के साथ छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ी. स्कूल के खातों में बची हुई राशि का प्रयोग होने लगा. स्कूल कैंपस में साफ-सफाई और विद्यालय के लैब का प्रयोग बढ़ गया. स्कूलों में बच्चों का ड्राप आउट रेट शून्य हो गया. केके पाठक के नेतृत्व में बीपीएससी शिक्षकों की बहाली हुई. सीएम नीतीश कुमार ने सार्वजनिक तौर पर कई बार केके पाठक की तारीफ की है.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन