मंदिर, मंच और मैसेज : मुंगेर में सम्राट चौधरी का 'मोदी मॉडल', सियासी प्रयोग या पॉलिटिकल ब्रांडिंग?

Published by :Keshav Suman Singh
Published at :05 May 2026 10:07 PM (IST)
विज्ञापन
Samrat Choudhary

मुंगेर में देवी पूजन के दौरान सम्राट चौधरी

Samrat Choudhary : सम्राट चौधरी की ड्रेस, मंदिर विजिट, पब्लिक इमेज सब कुछ नरेंद्र मोदी के स्टाइल में नजर आया. मुंगेर दौरे पर सम्राट चौधरी का देवी दर्शन, बीजेपी प्रशिक्षण कार्यक्रम और मोदी-योगी स्टाइल जानिए क्या राजनीतिक संकेत देने की कोशिश है.

विज्ञापन

Samrat Choudhary Munger Visit : सम्राट चौधरी की ड्रेस, मंदिर विजिट, पब्लिक इमेज और मौजूदगी आज सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह दिखाई दे रहा था. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मुंगेर के दौरे पर थे. इस दौरान वो बीजेपी के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ में शामिल हुए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और संगठन की मजबूती, सक्रियता और प्रशिक्षण की अहमियत पर जोर दिया. यह दौरा न तो प्रशासनिक था और न ही राजनीतिक. मगर कई स्तरों पर सियासी संदेश देने वाला जरूर था. जानकार इसे 2026 से 2030 की तैयारी के रूप में देख रहे हैं.

ज्‍योति मंदिर में भव्‍य पूजा

अपने कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी पीएम मोदी के स्‍टाइल में नजर आए. पहले तो उन्‍होंने ज्योति मंदिर के दर्शन किए. राजनीतिक संदेश देने के लिए काफी है. इसके बाद सम्राट ने तस्‍वीरें अपने सोशल मीडिया आकाउंट एक्‍स पर पोस्‍ट कीं, जो सुर्खियों में हैं. सोशल मी‍डिया पर उनकी जबदस्‍त तस्‍वीरें शेयर की जा रही हैं.

‘मोदी स्टाइल’ की ब्रांडि‍ंग

बिहार में सरकार बनाने और बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद आज सम्राट चौधरी का स्‍टाइल पूरी तरह से पीएम मोदी वाला नजर आया. मुंगेर दौरा मोदी स्‍टाइल वाले इवेंट की तरह दिखा. ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ से ज्‍यादा चर्चा सम्राट चौधरी की ज्‍योति मंदिर में पूजा की है और पूजा के दौरान उनकी तस्‍वीरों की है.

सम्राट की स्ट्रेटेजिक एक्‍सरसाइज

मुंगेर दौरे के दौरान सम्राट चौधरी का गेटअप भी खास सुर्खियों में रहा. सफेद कुर्ता, जैकेट और गले में भगवा गमछा, यह सम्राट चौधरी का ट्रेड मार्क है. मगर इस पर माता की लाल चुनरी, गले में पीले फूल, हाथ में कलावा और ध्‍यान मुद्रा में हाथ जोड़े सम्राट चौधरी की तस्‍वीर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्‍वीरों से मेल खाती दिखी. बिहार के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह महज संयोग नहीं है बल्कि एक स्ट्रेटेजिक ब्रांडिंग की एक्सरसाइज है. जिसके जरिए सम्राट चौधरी खुद को राज्य में योगी और मोदी मॉडल के विस्तार के रूप में पेश करते नजर आ रहे हैं.

सांस्‍कृतिक जुड़ाव वाला मजबूत नेतृत्‍व

बिहार के जाने माने राजनीतिक जानकार कौशलेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं ‘बिहार में सरकार बनाने और अब बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी उत्‍साहित है. बीजेपी अब दोनों राज्‍यों में अपने हिंदुवादी चेहरे को और मजबूत करेगी और इसी एजेंडे पर आगे बढ़ेगी. उनका मानना है कि धार्मिक स्थलों पर प्रदेश के मुखिया की सक्रिय उपस्थिति, पारंपरिक वेशभूषा और सख्त प्रशासनिक छवि के साथ बीजेपी अब अगले पांच साल की तैयारी में जुट गई है. भले ही बीजेपी को बिहार में सत्ता लगभग 46 साल बाद मिली हो. मगर यह उसके लिए ऐसा मौका है, जिसे वो अपने हाथ से जाने देना नहीं चाहेगी. बीजेपी अपने मजबूत नेतृत्‍व के सांस्कृतिक जुड़ाव की छवि को स्थापित करेगी.

इमेज मैनेजमेंट और राजनीतिक संदेश

जैसा कि कैशलेंद्र प्रियदर्शी बताते हैं सम्राट चौधरी मुख्‍यमंत्री बनने के बाद से ही उसी रणनीति पर काम करते नजर आ रहे हैं. शपथ ग्रहण के बाद से ही वो लगातार मंदिरों के दर्शन करते नजर आ रहे हैं. ताजा तस्‍वीरों में भी ब्राह्मणों की पारंपरिक वेशभूषा और इसमें देवी पूजन उनकी इस छवि को मजबूत करता है. मंदिर में पूजा-अर्चना से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच संवाद तक हर फ्रेम एक संदेश देता नजर आता है. जानकार इसे इमेज मैनेजमेंट और विजुअल पॉलिटिक्स का हिस्सा मानते हैं, जहां तस्वीरें ही नेतृत्व की कहानी कहती हैं.

आस्था, संगठन और छवि को नई पहचान

राजनीतिक जानकारों का मानन है कि सम्राट चौधरी कई पार्टियों में रह चुके हैं. जिसे लेकर संघ और बीजेपी के कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं. बावजूद इसके सम्राट चौधरी प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक अपनी नई राजनीतिक पहचान गढ़ते नजर आए हैं. मुंगेर दौरा इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जहां उन्होंने आस्था, संगठन और छवि तीनों को एक साथ साधने की कोशिश की. मुंगेर का यह दौरा साफ संकेत देता है कि सम्राट चौधरी सिर्फ शासन नहीं, बल्कि बीजेपी के मोदी स्‍टाइल नैरेटिव भी गढ़ रहे हैं. मंदिर से लेकर मंच तक उनका हर कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा नजर आता है, जिसमें संगठन की मजबूती, हिंदुत्व की झलक और मजबूत नेतृत्व की छवि तीनों को संतुलित किया जा रहा है.


Also Read : एक अणे मार्ग का बदला नाम, अब सम्राट चौधरी का सरकारी आवास कहलाएगा लोक सेवक आवास

विज्ञापन
Keshav Suman Singh

लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन