संवाददाता,पटना कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) कृषि विभाग, बिहार सरकार और लुलु ग्रुप यूएई ने बिहार से लीची के निर्यात को बढ़ावा देने के एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं. लुलु ग्रुप इस एमओयू के जरिये लीची की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के तकनीकी मदद करेगा. इससे लीची की शेल्फ लाइफ बढ़ जायेगी. शेल्फ लाइफ से आशय किसी भी उत्पाद विशेषकर खाद्य पदार्थों की वह अवधि है, जिसके दौरान वह सुरक्षित और खाने योग्य बना रहता है. इसके अलावा बिहार के उत्पादों को दुनिया के बाजार में ले जाने के लिएस यूएइ, जापान, सिंगापुर,स्पैन और घाना के कारोबारी ग्रुप सामने आये हैं. इन बड़े बायर्स ग्रुप्स ने निर्यात के लिए भरी हामी लुलु ग्रुप इंटरनेशल (यूएइ) – बिहार के लीची उत्पाद के एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए करेगा काम यूवीआर नेचुरल फूड प्राइवेट लिमिटेड (इंडिया)- वे बिहार से सालाना बीस हज़ार मीट्रिक टन मकई और चार हज़ार मीट्रिक टन लंबे दाने वाला चावल (पीआर-47 और पीआर-6444) खरीदने की इच्छा रखता है. यह पूरी तरह से अमेरिका और ब्रिटेन के बाजारों के लिए निर्यात के लिए होगा. इसके अलावा दातार एंड संस लिमिटेड (यूएइ), सरताज लिमिटेड (जापान), रॉयल गोल्डन ट्रेडिंग (यूएइ), पिक बीयूवाय एन सेव ग्रुप (घाना), ग्रांड हायपर मार्कट (यूएइ), वेज प्रो लिमिटेड (सिंगापुर), यूनिवर्सल इम्पेक्स कारपोरेशन (यूएइ), निप्पोन ग्लोबल (स्पेन) और ग्लोबल फूड ट्रेडिंग जीएमएच ,(जर्मनी) ने खास तौर पर चावल, मसाला, दाल फल,,सब्जी और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीददारी में रुचि दिखाई है. इधर बुधवार को ही बायर्स और सेलर वन टू वन मीटिंग हुई. हालांकि बायर्स ने कितनी मात्रा में खरीददारी करने के लिए एमओयू किये हैं. यह आंकड़ा सामने नहीं आ सका है. एक दो दिन में खाद्य एवं प्रशंस्करण विभाग की तरफ से जारी किया जायेगा. फैक्ट फाइल मीट में 20 देशों से आये बायर की संख्या- 84 दो दिन में बिजनेस टू बिजनेस मीटिंग हुई- 400 पहले दिन 250 मीटिंग दूसरे दिन 150 मीटिंग प्रति खरीदारों पर पांच सेलर व निर्यातक के हिसाब से बात हुई 45 घरेलू बायर्स के साथ 110 मीटिंग हुई
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

