17 मिनट से भी कम समय में पुलिस की डायल 112 कर रहा रेस्पांस

आपात स्थिति में एक कॉल पर त्वरित पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी, फायर सर्विस और महिला सुरक्षा जैसी कई सेवाओं की गारंटी देने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (डायल 112) अब बिहार में संकट की घड़ी में जीवनरक्षक के रूप में उभर चुकी है.
संवाददाता, पटना.
आपात स्थिति में एक कॉल पर त्वरित पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी, फायर सर्विस और महिला सुरक्षा जैसी कई सेवाओं की गारंटी देने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (डायल 112) अब बिहार में संकट की घड़ी में जीवनरक्षक के रूप में उभर चुकी है. पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस सेवा के तहत जुलाई 2022 से अप्रैल 2025 तक कुल 36 लाख से अधिक लोगों को सहायता दी जा चुकी है. डायल 112 17 मिनट से भी कम समय में रेस्पांस कर रही है.
जनवरी से अप्रैल 2025 तक डायल 112 पर औसतन प्रतिदिन 5848 कार्रवाई यानि डेली इवेंट्स थे. इस अवधि में औसत रेस्पॉन्स टाइम घटकर 17 मिनट से नीचे आ गया, जबकि वर्ष 2024 के जनवरी में यह 17 मिनट 50 सेकंड था. इसका सीधा अर्थ है कि अब ज्यादा लोगों को पहले से भी तेज गति से मदद मिल रही है. बिहार पुलिस ने डायल 112 को राज्य की एम्बुलेंस सेवा, अग्निशमन सेवा, महिला व बाल हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन इकाई और हाईवे पेट्रोलिंग से जोड़ा है. एक ही नंबर पर पुलिस सहायता के साथ-साथ मेडिकल, फायर और सड़क सुरक्षा संबंधी सभी इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. राज्यभर में इस कार्य के लिए 1833 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (इआरवी ) 24 घंटे सक्रिय हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दोपहिया वाहन शामिल है.
संकट में देर न करें, डायल 112 करें : डीजीपीडीजीपी विनय कुमार ने राज्यवासियों से अपील की है कि किसी भी आपात, आपदा या संकट की घड़ी में देर न करते हुए डायल 112 पर कॉल करें. यह सेवा त्वरित सहायता पहुंचाने का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है. सितंबर 2024 से बिहार में महिलाओं के लिए ””सुरक्षित सफर सुविधा”” की शुरुआत की गई, जिसके तहत महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है. डायल 112 पर कॉल कर महिला यात्री सहायता मांग सकती हैं, और पुलिस कर्मी बसों, ऑटो व ट्रेनों में जाकर उनका सहयोग करते हैं. अब तक सैकड़ों महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा चुकी हैं.
डायल 112 की प्रमुख विशेषताएं: – 24 गुना 7 कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम– एकीकृत सेवाएं: पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, महिला हेल्पलाइन
– 1833 इमरजेंसी वाहन राज्य में तैनात– सुरक्षित सफर सुविधा महिलाओं के लिए
– औसत रेस्पॉन्स टाइम 15-17 मिनट जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक सेवा की स्थिति माह – प्रतिदिन औसत इवेंट्स – औसत रेस्पॉन्स टाइमजनवरी 2024 – 3331 – 17:50 मिनट
जुलाई 2024 – 5332 – 21:17 मिनटअक्टूबर 2024 – 5393 – 15:04 मिनट
जनवरी 2025 – 5297 – 14:41 मिनटमार्च 2025 – 6387 – 15:20 मिनट
अप्रैल 2025 – 5979 – 16:39 मिनटडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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