चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे प्रिंस यादव, रौशन आनंद के भाई के साथ नेपाल के होटल में उस रात क्या हुआ

Updated:
विज्ञापन

प्रिंस यादव की फाइल फोटो

Prince Yadav Death Case: रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव जिला परिषद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. नेपाल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिवार इसे हत्या बता रहा है, जबकि दोस्तों का दावा है कि वह मानसिक तनाव में थे. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है.

विज्ञापन

Prince Yadav Death Case: ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत अब रहस्य बन गई है. परिवार इसे हत्या बता रहा है, जबकि उनके साथ मौजूद दोस्तों का कहना है कि प्रिंस मानसिक तनाव में थे और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने से उनकी जान गई. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है.

कोचिंग संस्थान की रीढ़ थे प्रिंस

ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालन में प्रिंस यादव की महत्वपूर्ण भूमिका थी. जहां रौशन आनंद पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों को संभालते थे, वहीं संस्थान की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था प्रिंस देखते थे.

नामांकन से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति, पेमेंट और नए ब्रांच के विस्तार तक हर बड़े फैसले में उनकी भूमिका रहती थी. बताया जाता है कि संस्थान को एक शाखा से तीन शाखाओं तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान था. वे आने वाले समय में जिला परिषद चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे थे.

विवादों के बीच नेपाल पहुंचे थे

सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों को लेकर हुए विवाद और दर्ज प्राथमिकी के बाद प्रिंस काफी दबाव में थे. इसी बीच 3 जून को वह अपने कुछ करीबी साथियों के साथ नेपाल के विराटनगर चले गए. वहां पहले एक होटल में रुके और बाद में दूसरे होटल में शिफ्ट हो गए. उनके साथ गए दोस्तों का दावा है कि गिरफ्तारी की आशंका और बढ़ते तनाव की वजह से प्रिंस मानसिक दबाव में थे.

मौत से पहले क्या हुआ?

प्रिंस के दोस्तों के अनुसार घटना वाले दिन उन्होंने सामान्य रूप से खाना खाया. इसके बाद नियमित दवा लेकर आराम करने चले गए. कुछ साथी बाहर घूमने निकल गए, जबकि दो लोग कमरे में मौजूद थे. दोस्तों का कहना है कि थोड़ी देर बाद प्रिंस की सांसें असामान्य हो गईं. इसके बाद सभी को सूचना दी गई और आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

परिवार बोला- यह हत्या है

प्रिंस यादव की मौत के बाद उनके बड़े भाई रौशन आनंद ने इसे हत्या बताया है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. परिवार का दावा है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी. परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

गांव में पसरा मातम

नेपाल से पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रिंस सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे और कम उम्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी. उनकी मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर नेपाल के होटल के कमरे में ऐसा क्या हुआ, जिससे एक युवा कोचिंग प्रबंधक की जान चली गई.

जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज

फिलहाल प्रिंस यादव की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ भी साफ नहीं है. नेपाल पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत थी, किसी बीमारी का परिणाम थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश थी.

Also Read: बिहार के शिक्षकों को सीएम सम्राट ने दिया गुड न्यूज, घर के नजदीक ट्रांसफर करने पर कह दी ये बात

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन