30 अरब रुपये होंगे खर्च संवाददाता, पटना राज्य में शराब और ताड़ी का धंधा छोड़ने वाले समेत निर्धन परिवारों को रोजगार करने के लिए सरकार दो-दो लाख रुपये देगी. वहीं, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना से गरीबों को आवास मिलेगा. इन दोनों योजना के लिए सरकार ने 31 अरब 39 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. 30 अरब 39 करोड़ रोजगार देने के लिए और एक अरब रुपये आवासों के निर्माण पर खर्च होंगे. शराब व ताड़ी का धंधा छोड़ने वाले परिवारों को रोजगार देने के लिए बनायी गयी सतत् जीविकोपार्जन योजना का विस्तार कर दिया गया है. अब ये योजना 2026-27 तक लागू रहेगी. इस अवधि में 30 अरब 32 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इस राशि से शराब और ताड़ी का धंधा छोड़ने वाले परिवारों समेत चिह्नित गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपये रोजगार के लिए दिये जायेंगे. गरीब परिवारों को चिह्नित करने का आदेश : इस वर्ष इस योजना के तहत लाभुक चयन का ग्रामीण विकास विभाग ने आदेश दिया है. इसमें शराब-ताड़ी का धंधा छोड़ने वाले समेत निर्धन परिवार को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है. बीते वर्ष इस योजना के तहत दो लाख एक हजार परिवारों को रोजगार के लिए एक-एक लाख रुपये दिये गये थे. पीएम आवास की लाभुक सूची से छूटेे परिवारों को मिलेगा आवास : प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की लाभुक सूची से छूटे लाभुकों को मुख्यमंत्री आवास योजना से घर दिया जायेगा. साथ ही वर्ष 1996 से पूर्व से समूहों में आवास का लाभ पाये उन लाभुकों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके आवास अब टूट-फूट गये हैं. आवासों के निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये तीन किस्त में दिये जायेंगे.
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