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जदयू और राजद नेताओं के बीच छिड़ी जंग, पोस्टर के बाद अब कविता से वार-पलटवार

Updated at : 02 Jun 2020 5:52 AM (IST)
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जदयू और राजद नेताओं के बीच छिड़ी जंग, पोस्टर के बाद अब कविता से वार-पलटवार

कोरोना और लाकडाउन के इतर प्रदेश में ज्यों ज्यों विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है, राजनीतिक दलों के वार -पलटवार में तेजी आयी है. पोस्टर वार से शुरू हुआ यह जंग फिलहाल कविता और शायरी तक पहुंचा है.

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पटना : कोरोना और लाकडाउन के इतर प्रदेश में ज्यों ज्यों विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है, राजनीतिक दलों के वार -पलटवार में तेजी आयी है. पोस्टर वार से शुरू हुआ यह जंग फिलहाल कविता और शायरी तक पहुंचा है. चारा घोटाले में रांची के जेल में बंद राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने सोमवार को ट्वीट कर कविता के सहारे एनडीए सरकार पर प्रहार किया. थोड़ी देर बाद ही जदयू के दिग्गज नेता मंत्री नीरज कुमार और मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, प्रवक्ता निखित मंडल कविता के माध्यम से ही उन पर टूट पड़े. देर शाम राबड़ी देवी ने भी तुकबंदी की तो जदयू की महिला प्रवक्ता अंजूम आरा ने भी जवाब दिया. जदयू और राजद नेताओं की यह कविता ट्वीटर पर खूब ट्रेंड कर रही है.

लालू ने कहा, छल-बल राज, दल-दल राज

पंद्रह साल से बिहार में छल-बल राज,दल-दल राज…..लाओ गरीबों का राज ’. पंद्रह साल से बिहार में अनर्गल राज निष्फल राज, विफ़ल राज, अमंगल राज, कोलाहल राज, हलाहाल राज, अकुशल राज, बंडल राज, अड़ियल राज, मरियल राज, घायल राज, इलीगल राज, अनैतिक राज, दुशासन राज, विश्वासघाती राज,

इसे उखाड़ने का करो काज, लाओ गरीब-गुरबे का राज.

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, पटना में रहकर जनता की पहुंच से ग़ायब नीतीश कुमार हैं, बेशर्मी से अफ़वाह फैलाने वाला विश्व प्रसिद्ध झूठा सुशील कुमार हैं, सपेरी सरकार की बदौलत कोरेंटिन सेंटर में सांपों की भरमार है, तीन करोड़ गरीब मजदूर सड़कों पर लाचार हैं.बिहार में बिहारियों को ही नहीं आने देनेवाली सरकार है. ………..पंद्रह सालों से हर वर्षों से केवल हार हार हार हैैं.

जदयू की अंजूम आरा ने कहा सत्ता प्राप्ति को लाचार परिवार, क्यों इतना बेबस और लाचार रहा, अपना बिहार, याद है कितनी रात बे-चिराग रहा, अपना बिहार ? नरसंहार के जिस्म का श्मशान रहा, अपना बिहार ? आरोपी परिवार भी करता प्रचार है, अपनी कटु वाणीयों पर देखो कैसा व्यवहार है, ऐंकरो को भी कहता तू किसी का चाटुकार है, रैली में भीड़ जुटाने आता पूरा परिवार है, भाषण में भूल जाते उम्मीदवार का नाम ये ऐसे राजकुमार हैं. ना चाह कर भी कुछ हम भी कहना चाहते हैं-यह जोश, यह चीखना ,बस केवल सत्ता पाने का बुखार है.

जदयू के संजय सिंह ने कहा कि सबका जवाब जंगलराज घोटाले का 15 साल,नरसंहार का 15 साल, जातिगत राजनीति का 15 साल, कमीशन खोरी का 15 साल, पलायन का 15 साल, अशिक्षा का 15 साल, बेरोजगारी का 15 साल, हकमारी का 15 साल, परिवारवाद का 15 साल, धृतराष्ट्र का 15 साल, दुर्योधन का 15 साल, आतंक का 15 साल, बदनामी का 15 साल, सजायाफ्ता का 15 साल

15 साल का था ये हाल, घोटाला,आतंक,हकमारी,पलायन का था राज,लालू राज था जंगलराज.

सूचना व जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि इस परिवार की है बीमारी, ये भूखे भ्रष्‍टाचारी. जिसके बल पर खाते हैं, उसी को सताते हैं. लात गरीब के पेट पे मार, घर अपना ये भरते हैं. इस परिवार की है बीमारी, ये धनवान भिखारी. हाथ जोड़ घर-घर जाते हैं, मौसम जो चुनाव का आता है. जाति के नाम पर दे-दे वोट, गाना बस इनको एक ही आता है. इस परिवार की है बीमारी, ये संपत्ति अर्जन के थोक व्यापारी. राज्य को नीलाम कर दें ये, जो इनका बस चल जाए. बिहार को कर शर्मिंदा, यह प्रदेश की मान लगाये.

Posted By : Rajat Kumar

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