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पीके ने भेजा अशोक चौधरी के नोटिस का जवाब

Updated at : 28 Sep 2025 1:42 AM (IST)
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पीके ने भेजा अशोक चौधरी के नोटिस का जवाब

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के मानहानि के नोटिस का जवाब भेज दिया.

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कहा-गलत तरीके से सही तथ्यों को छुपाने की कोशिश संवाददाता,पटना जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के मानहानि के नोटिस का जवाब भेज दिया. अशोक चौधरी द्वारा भेजी गयी 100 करोड़ की मानहानि के नोटिस के जवाब में प्रशांत किशोर की ओर से उनके अधिवक्ता देवाशीष गिरि ने शनिवार को विस्तार से जवाब भेजते हुए नोटिस को पूरी तरह से निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया. पार्टी के प्रदेश महासचिव किशोर कुमार ने बताया कि अशोक चौधरी को भेजे गये जवाब में कहा गया है कि उन्होंने गलत तरीके से सही तथ्यों को छिपाकर कानून का सहारा लेने की कोशिश की है. इससे जनता के बीच उनके खिलाफ उठ रहे सवालों को दबाया जा सके. उदाहरण के तौर पर योगेंद्र दत्त द्वारा साल 2021 में अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को जिन प्लॉट की बिक्री की गयी , उनकी डीड (संख्या-2705) में स्पष्ट लिखा गया कि योगेंद्र दत्त को 34.14 लाख रुपये चेक, डिमांड ड्राफ्ट और कैश के माध्यम से दे दिया गया है. अब वो एक पैसा मांगने के हकदार नहीं हैं. सवाल है कि यह रकम किस चेक और डिमांड ड्राफ्ट से दी गयी , इसकी जानकारी भी नहीं है. तब शांभवी की उम्र सामान्य जानकारी में 23 साल की थी और वो किसी भी प्रोफेशन में नहीं थीं. जून 2024 में उनके सांसद बनने के बाद जब अप्रैल 2025 में 25 लाख रुपये योगेंद्र दत्त को दिये गये वो भी शांभवी चौधरी की अपनी इनकम नहीं मानी जा सकती. वजह कि इस अंतराल में सांसद के तौर पर उनकी आय इससे कम थी. किशोर कुमार ने बताया कि दिये गये जवाब में विस्तार से उन जमीनों और इमारतों का ब्योरा दिया गया है जो कथित तौर पर श्री चौधरी की पत्नी, बेटी शांभवी चौधरी (वर्तमान सांसद) और दामाद के परिवार के नाम पर खरीदी गयी. इन सौदों में भुगतान के तरीकों और घोषित रकम में गंभीर विसंगतियां मिली हैं और कई सौदों की बाजार मूल्य से काफी कम कीमत दिखाकर रजिस्ट्री करायी गयी है. स्थानीय लोगों और स्रोतों से प्राप्त जानकारी तथा सार्वजनिक दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि ये सभी संपत्तियां दरअसल चौधरी की ही हैं और इन्हें परिवारजनों व संबंधित न्यास के नाम पर खरीदा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN

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By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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