पटना में स्मार्ट मीटर वालों के खाते से एक झटके में कटे 50 करोड़, 5 लाख उपभोक्ताओं से 1500 तक की वसूली, जानें वजह

Updated:
विज्ञापन

स्मार्ट मीटर की तस्वीर

Smart Meter: पटना में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को अचानक बड़ा झटका लगा है. बिजली कंपनी ने करीब 5.06 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के खाते से 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि काट ली. जून से अगस्त तक रुके फिक्स्ड चार्ज का एकमुश्त सेटलमेंट किया गया है. हालांकि, मैसेज में मदवार जानकारी नहीं होने से उपभोक्ता परेशान हैं.

विज्ञापन

Smart Meter: पटना में स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले करीब 5.06 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के खाते से बिजली कंपनी ने एकमुश्त 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि काट ली है. यह कटौती जून से अगस्त तक के फिक्स्ड चार्ज समेत अन्य मदों के सेटलमेंट के नाम पर हुई है. कई उपभोक्ताओं के खाते से 600 से 1500 रुपये तक कटे हैं. मोबाइल पर सिर्फ ‘इनवॉइस सेटलमेंट’ का मैसेज आया है. किस मद में कितनी राशि कटी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है.

आपके शहर में

विज्ञापन

अचानक खाते से कट गए 600 से 1500 रुपये

बिजली कंपनी के बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण जून से फिक्स्ड चार्ज की नियमित कटौती रुक गई थी. अब नया सिस्टम लागू होने के बाद यह राशि अगस्त में एक साथ काटी गई है.

इससे उपभोक्ताओं के खाते से अचानक बड़ी रकम निकल गई. मैसेज में भी मदवार ब्योरा नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. 1912 हेल्पलाइन से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है. ऐसे में उपभोक्ता बिजली कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं.

सैप की जगह आया नया रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम

बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, पहले सैप बिलिंग सिस्टम से काम होता था. इसकी क्षमता सीमित थी. अलग-अलग डिविजन की बिलिंग की तारीख भी अलग रहती थी.

अब कंपनी ने रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम यानी आरएमएस लागू किया है. इससे पूरे पेसू क्षेत्र की बिलिंग एक साथ की जा सकती है. सिस्टम माइग्रेशन के दौरान जून से फिक्स्ड चार्ज की नियमित कटौती नहीं हो सकी.

नए सॉफ्टवेयर के जरिए अब जून, जुलाई और अगस्त की रुकी हुई राशि का सेटलमेंट किया गया है. कंपनी ने मैसेज भेजने में हुई देरी पर खेद भी जताया है.

5.06 लाख घरेलू उपभोक्ताओं से हुई वसूली

पेसू क्षेत्र में कुल 7.61 लाख उपभोक्ता हैं. इनमें 6.33 लाख के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है. करीब 95 हजार उपभोक्ता व्यावसायिक श्रेणी में आते हैं.

बाकी करीब 5.06 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के खाते से औसतन 1000 रुपये की कटौती हुई है. इसमें फिक्स्ड चार्ज के साथ स्वीकृत लोड से अधिक खपत पर लगने वाला जुर्माना भी शामिल हो सकता है.

वहीं, करीब 31 हजार घरेलू उपभोक्ता 125 यूनिट तक की खपत की श्रेणी में हैं. इन उपभोक्ताओं का बिल शून्य आता है.

उपभोक्ताओं की शिकायत- ‘ब्रेकअप तो बताया जाता’

उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू मीटर से 600 रुपये कटे हैं. वहीं, उनके कॉमर्शियल मीटर से 1100 रुपये की कटौती हुई.

यह रकम इनवॉइस सेटलमेंट के तहत काटी गई है. बिजली कंपनी ने जून, जुलाई और अगस्त के फिक्स्ड चार्ज की कटौती की जानकारी दी है. लेकिन मैसेज में यह नहीं बताया गया कि फिक्स्ड चार्ज, स्वीकृत लोड से अधिक खपत की पेनाल्टी और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के नाम पर कितनी-कितनी राशि काटी गई.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

क्या है ‘इनवॉइस सेटलमेंट’?

बिजली बिल में मुख्य रूप से चार तरह के शुल्क होते हैं. इनमें एनर्जी शुल्क, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, फिक्स्ड चार्ज और स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत पर लगने वाली पेनाल्टी शामिल है.

घरेलू कनेक्शन का फिक्स्ड चार्ज 80 रुपये प्रति किलोवाट है. 125 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष छूट मिलती है. लेकिन 126 यूनिट खपत होते ही एनर्जी शुल्क और ड्यूटी के साथ फिक्स्ड चार्ज भी जुड़ जाता है.

बिलिंग सिस्टम बदलने के दौरान जो फिक्स्ड चार्ज नियमित रूप से नहीं कट पाया था, उसी बकाया राशि को अब ‘इनवॉइस सेटलमेंट’ के नाम पर एक साथ काटा गया है.

असली परेशानी राशि नहीं, जानकारी की कमी

बिजली कंपनी के अनुसार, यह कटौती सिस्टम में बदलाव के कारण पहले नहीं हो पाई थी. अब इसे एक साथ सेटल किया गया है. हालांकि, उपभोक्ताओं की परेशानी इस बात को लेकर है कि खाते से पैसा काटने से पहले या कटौती के बाद उन्हें मदवार पूरा हिसाब नहीं दिया गया.

अगर मैसेज में यह साफ बताया जाता कि फिक्स्ड चार्ज, पेनाल्टी और अन्य शुल्क के नाम पर कितनी राशि काटी गई है, तो उपभोक्ताओं का भ्रम काफी हद तक दूर हो सकता था.

Also Read: बिहार में 2030 तक 1 करोड़ महिलाओं को मिलेगा रोजगार, डेयरी सेक्टर में 50 लाख को जोड़ने का लक्ष्य, सम्राट सरकार का नया प्लान



विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन