ग्रीन, येलो और ब्लू जोन में बंटा पटना, डीएम ने ऑटो-रिक्शा के लिए तय किए 26 नए रूट, प्रशासन का बड़ा फैसला
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम
Patna District Administration: पटना में ऑटो और ई-रिक्शा से बढ़ती ट्रैफिक समस्या को रोकने के लिए जिला प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने जा रही है. शहर को ग्रीन, येलो और ब्लू तीन जोनों में बांटकर 26 रूटों की वहन क्षमता तय की गई है.
Patna District Administration: पटना जिला प्रशासन ने ऑटो और ई-रिक्शा से होने वाली भीड़ और जाम को कम करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने निर्देश दिया है कि अब शहर में इन वाहनों का संचालन तय योजना के अनुसार ही होगा. इसके लिए शहर को ग्रीन, येलो और ब्लू जोन में बांटा गया है. इस कदम से अलग-अलग इलाकों में ट्रैफिक का दबाव संतुलित किया जा सकेगा.
ट्रैफिक सुधार की दिशा में प्रशासन का बड़ा फैसला
लंबे समय से पटना में बिना नियम ऑटो-रिक्शा चलने से जाम की स्थिति गंभीर हो गई है. पटना जंक्शन, राजीव नगर, बोरिंग रोड समेत कई इलाकों में लोग घंटों परेशान होते हैं. इसी समस्या को खत्म करने के लिए डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने ऑटो और वाहन संघों के साथ बैठक की और नए रूट-प्लान पर चर्चा की. सभी संगठनों ने इस व्यवस्था पर सहमति जताई. आने वाले दिनों में यह नियम लागू हो जायेगा.
26 रूट तय, सीमित संख्या में ही चल सकेंगे वाहन
प्रशासन ने तीनों जोन में कुल 26 रूट तय किए हैं. इन रूटों पर कुल 22065 में से करीब 18181 वाहनों को ही चलने की मंजूरी मिलेगी. इसके अलावा 10% वाहन रिजर्व रखे जाएंगे और 10% प्रशासनिक कामों के लिए सुरक्षित रहेंगे.
ग्रीन जोन में वे इलाके शामिल हैं जहां बाजार, स्टेशन, स्कूल, तंग गलियां और भीड़ ज्यादा रहती है. यहां वाहनों की संख्या पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. येलो जोन वाले रूट में सड़कें चौड़ी होती हैं और ट्रैफिक दबाव भी सीमित रहता है. ब्लू जोन में वे क्षेत्र आते हैं जहां से शहर में बड़ी संख्या में वाहन प्रवेश करते हैं और निकलते हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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