तेज विकास के लिए योग्यता पहचान के मानक बदलने होंगे : हरीश हांडे

Published by : ANURAG PRADHAN Updated At : 08 Jan 2026 6:59 PM

विज्ञापन

मीटिंग माइंड्स शृंखला के तहत गुरुवार को भविष्य की स्थिरता विषय पर हाइब्रिड मोड में व्याख्यान का आयोजन किया गया

विज्ञापन

-डीएमआइ के सीपीआइएस ने भविष्य की स्थिरता विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया -2011 में सामुदायिक नेतृत्व के लिए रोमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित हरीश हांडे ने दिया व्याख्यान संवाददाता, पटना विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआइ) के सेंटर फॉर पाॅलिसी इंप्लीमेंटेशन एंड इवैल्यूएशन स्टडीज (सीपीआइएस) ने मीटिंग माइंड्स शृंखला के तहत गुरुवार को भविष्य की स्थिरता विषय पर हाइब्रिड मोड में व्याख्यान का आयोजन किया गया. 2011 में रेमन मैग्सेसे से पुरस्कृत हरीश हांडे ने कहा कि भारत तेजी से विकास करता हुआ देश है. गति को कायम रखने के लिए योग्य व्यक्तियों की पहचान बहुत जरूरी है. वर्तमान में अनुभव और विशेषज्ञता पर डिग्री का महत्व ज्यादा है. यदि कोई किसान 40 वर्षों से कुशल खेती कर रहे हैं और उनके पास उपाधि नहीं है तो हम उन्हें विशेषज्ञ नहीं कह सकते हैं. चाहे वह पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले किसी शोधार्थी से ज्यादा जानकारी रखते हों. लेकिन, ऐसा कई देशों में नहीं है. जानकारी को डिग्री से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है. दूसरा उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा में कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना होगा. चीन, जर्मनी, इटली, फ्रांस सहित कई देशों का उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि मातृभाषा में कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के कारण इन देशों ने तेजी से विकास किया. वहीं, दूसरे देशों में संपर्क के लिए अनुवादक की सेवा ली जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANURAG PRADHAN

लेखक के बारे में

By ANURAG PRADHAN

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन