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कोरोना काल में बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई का तरीका बदला, जानिये कैसे चली डिजिटल क्लासेस...

Updated at : 05 Sep 2021 8:01 AM (IST)
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कोरोना काल में बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई का तरीका बदला, जानिये कैसे चली डिजिटल क्लासेस...

पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय समेत राज्य के तमाम विवि व कॉलेजों में इस कोराना काल ने पढ़ाई का तरीका बदल दिया. इस दौरान शिक्षकों ने छात्रों को ऑनलाइन व इनोवेटिव तरीके से पढ़ाया. पटना विश्वविद्यालय ने सबसे पहले इसकी शुरुआत की थी.

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अमित कुमार: पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय समेत राज्य के तमाम विवि व कॉलेजों में इस कोराना काल ने पढ़ाई का तरीका बदल दिया. इस दौरान शिक्षकों ने छात्रों को ऑनलाइन व इनोवेटिव तरीके से पढ़ाया.

पटना विश्वविद्यालय ने की इसकी शुरुआत

पटना विश्वविद्यालय ने सबसे पहले इसकी शुरुआत की थी. तत्कालीन कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह के विजन से विवि प्रशासन ने विवि ने इ-कंटेंट अपलोड करना शुरू किया. यह पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है, जिसने सबसे अधिक इ-कंटेंट छात्रों के लिए उपलब्ध करायी. विवि के द्वारा अब तक 2927 इ-कंटेंट व 138 से अधिक वीडियो अपलोड किया गया है. बाद में अन्य विवि ने भी इसका अनुकरण किया. अब ये इ-कंटेंट छात्रों को काफी लाभ दे रहे हैं.

यू-ट्यूब पर छात्रों के लिए लेक्चर उपलब्ध

पीयू के कुछ शिक्षकों ने इस दिशा में कुछ नये प्रयोग किये. उन्होंनें यू-ट्यूब चैनल पर कुछ शिक्षकों की पूरी लेक्चर सीरीज डाली, जिसने छात्रों को ऑनलाइन क्लास के अलावा उनकी पढ़ायी में काफी मदद की. पटना ट्रेनिंग कॉलेज के शिक्षक ललित कुमार ने 30 से अधिक लेक्चर का एक वीडियो सीरीज तैयार किया और उसे यू-ट्यूब के माध्यम से छात्रों के लिए जारी किया. इसके अतिरिक्त डीडीइ के निदेशक प्रो खगेंद्र कुमार ने 15 से अधिक वीडियो की एक लेक्चर सीरीज डाली. पटना लॉ कॉलेज में मो शरीफ व प्रो सलीम जावेद ने दस-दस लेक्चर का वीडियो छात्रों के लिए यू-ट्यूब पर डाला.

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बच्चों को दिलायी लाइव क्लास की फिलिंग

पटना विश्वविद्यालय में कई शिक्षकों ने कुछ अलग किया. छात्रों को क्लास रूम की फिलिंग आये, इसके लिए क्लास रूम में पहुंच कर कैमरे से सीधा लाइव क्लास लिया. क्लास रूम में अकेले शिक्षक होते थे. वे ब्लैक बोर्ड या व्हाइट बोर्ड पर पढ़ाते हैं. इसमें केमेस्ट्री के शिक्षक प्रो अभय कुमार, डॉ शंकर कुमार, भूगर्भशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो अतुल आदित्य पांडे, बॉटनी के शिक्षक प्रो बीरेंद्र प्रसाद शामिल हैं.

इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड से करायी पढ़ायी :

विश्वविद्यालय व कॉलेजों में नैक को लेकर क्यान स्मार्ट बोर्ड लगाये गये थे. यूजी व पीजी विभाग के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए इन बोर्डों का प्रयोग किया. पटना साइंस कॉलेज, बीएन कॉलेज, पटना लॉ कॉलेज समेत कई अन्य विभागों के द्वारा ऐसा किया गया.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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