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बिहार में इमरजेंसी इलाज के लिए नए नियम लागू: अब एक मिनट में शुरू होगा इलाज, प्रत्यय अमृत ने दिए सख्त निर्देश

Updated at : 14 Jun 2025 12:58 PM (IST)
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bihar government hospital| New rules for emergency treatment implemented in Bihar: Pratyay Amrit gave strict instructions

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार ने इमरजेंसी मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज दिलाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए तय मानकों के तहत काम करने का आदेश दिया है.

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Bihar News: बिहार सरकार ने इमरजेंसी मरीजों के इलाज में लापरवाही को रोकने और उन्हें समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को नए मानक के तहत निर्देश जारी किए हैं. अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि गंभीर मरीजों के इलाज में एक मिनट की भी देरी नहीं होनी चाहिए.

यह कदम हाल ही में पीएमसीएच और मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद उठाया गया है, जहां इलाज में हुई लापरवाही के आरोपों के बाद जांच और कार्रवाई हुई थी.

प्रत्येक अस्पताल में कोर टीम गठित की जाएगी

नई व्यवस्था के तहत अब इमरजेंसी मामलों के लिए प्रत्येक अस्पताल में कोर टीम गठित की जाएगी. इस टीम में एक केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर, चार नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक लैब तकनीशियन, एक एक्स-रे तकनीशियन और दो ड्रेसर सहित सहयोगी कर्मी 24 घंटे तीनों शिफ्ट में तैनात रहेंगे. इलाज में सामूहिक जिम्मेदारी तय की गई है.

बेड की कमी का नहीं दे हवाला

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब किसी भी गंभीर मरीज को बेड की कमी का हवाला देकर इलाज से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे मामलों में विधि-व्यवस्था की स्थिति बन जाती है, जिससे अस्पताल की छवि खराब होती है.

अस्पतालों को यह भी कहा गया है कि इमरजेंसी मरीजों के इलाज के लिए विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है. कई मामलों में मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है, ऐसे में सभी विभागों को तुरंत सक्रिय होकर काम करना होगा.

हर महीने हो समीक्षा बैठक

सभी अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वे हर महीने समीक्षा बैठक कर उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करें और कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाते रहें. स्वास्थ्य विभाग का यह कड़ा रुख इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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