Bihar Durga Puja : पटना के रास्तों को एलइडी व सीरिज लाइट से किया जा रहा रौशन
बिहार में हर तरफ नवरात्र की धूम मची है. भक्त मां की भक्ति में डूबे हुए हैं. हर तरफ पूजा पंडाल और मंदिर में सुबह शाम माता की आरती और पाठ की जा रही है. हर पंडाल और मंदिर की सजावट की खासियत उसका थीम बेस्ड डेकोरेशन और लाइटिंग है. शहर के विभिन्न इलाकों में लाइटिंग, रिबन और सजावट का कार्य जारी है.
कदमकुआं में इको फ्रेंडली पंडाल
पटना के कदमकुआं में श्रीश्री दुर्गा पूजा कल्याण समिति की ओर से इस बार इको फ्रेंडली पंडाल बनाया जा रहा है. इसका मुख्य मकसद लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है. इसके लिए कोलकाता से कलाकार आये हैं. पूरा पंडाल जूट से तैयार हो रहा है. पंडाल दक्षिण भारत के मंदिरों के तर्ज होगा.

दुर्गा पूजा को लेकर फ्लाइओवर पर लाइटिंग
पटना के राजीव नगर चौराहा के पास फ्लाइओवर पर लाइटिंग की गयी है. इसके अलावा पूजा सामग्री से जुड़े स्टॉल भी वहां मौजूद है. अधिकांश पंडालों और मंदिरों में षष्ठी से लाइटिंग की जगमगाहट देखने को मिलेगी. वहीं सप्तमी से नवमीं तक विभिन्न पंडालों के आस-पास फूड स्टॉल और अन्य दुकानें में लोगों की भीड़ दिखेगी.

एलइडी व सीरिज लाइट से रास्तों को रौशन किया जा रहा
डाकबंगला चौराहा पर बनाये गये गेटों पर लाइटिंग समय-समय पर जलाकर टेस्ट किया जा रहा है. चिड़ैयाटांड़ पुल के नीचे, कंकड़बाग, भूतनाथ रोड, दानापुर, पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास लाइटिंग शुरू कर दी गयी है. एलइडी व सीरिज लाइट से रास्तों को रौशन किया जा रहा है.
पटना में थीम बेस्ड डेकोरेशन और लाइटिंग
दुर्गा पूजा के लिए इस वर्ष पटना के पंडालों और सड़कों पर थीम बेस्ड डेकोरेशन और लाइटिंग की गई है. शहर के विभिन्न इलाकों में लाइटिंग, रिबन और सजावट का कार्य जारी है. वहीं कुछ जगहों पर लाइटिंग शुरू हो चुकी है.
यहां देखें मां दुर्गा की चलंत प्रतिमा
गया शहर में इस बार दुर्गा पूजा के लिए अलग- अलग पूजा समितियों द्वारा भव्य व आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं. इस बार गया के श्री दुर्गा पूजा समिति द्वारा हाते गोदाम परिसर में भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. इस पंडाल में स्थापित शांति स्वरूप मां दुर्गा की चलंत प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए न केवल दर्शनीय होगी, बल्कि उन्हें अपनी ओर आकर्षित भी करेगी.

किस दिन कैसे होती है पूजा
सुबह तीन से पांच बजे तक पूजा के साथ कलथ स्थपित किया गया और इसके बाद भक्त दर्शन के लिए आने लगे. यहां पर त्रिकाल आरती की जाती है. वहीं सप्तमी को एक ओर माता की मूर्ति की पूजा की जाती हैं. अष्टमी के दिन निशा पूजा की जाती हैं. इसी दिन 108 दीप जलाकर पूजा की जाती हैं. नवमीं के दिन भंडारा होता है. पूजा के पहले दिन भक्तों ने ना सिर्फ माता रानी के दर्शन की किये बल्कि उनसे आशीर्वाद भी लिया.
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए