मुखिया और वार्ड सदस्य के चिह्नित स्थानों पर खुलेंगे नये दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र

Updated at : 23 Aug 2024 12:32 AM (IST)
विज्ञापन
मुखिया और वार्ड सदस्य के चिह्नित स्थानों पर खुलेंगे नये दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र

राज्यभर में दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे. इसके पूर्व मुखिया व वार्ड पार्षद सहित सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगा जा रहा है कि केंद्र कहां-कहां खुलने से बच्चों को अधिक फायदा होगा.

विज्ञापन

मुखिया और वार्ड सदस्य के चिह्नित स्थानों पर खुलेंगे नये दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र

– समाज कल्याण विभाग ने जनप्रतिनिधियों से मांगा जा रहा है सुझाव

संवाददाता, पटना

राज्यभर में दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे. इसके पूर्व मुखिया व वार्ड पार्षद सहित सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगा जा रहा है कि केंद्र कहां-कहां खुलने से बच्चों को अधिक फायदा होगा.समाज कल्याण विभाग में हुई हाल में समीक्षा के दौरान पाया गया कि केंद्रों में बच्चों की संख्या कम हो रही है. जब इसकी समीक्षा हुई, तो अधिक क्षेत्रों से रिपोर्ट मिली कि केंद्र का संचालन सही जगहों पर नहीं हो रहा है. इस कारण से स्लम के बच्चे या गरीब बच्चे केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.इसके बाद जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगने का निर्णय लिया गया है.अभी एक लाख 12 हजार से अधिक केंद्र का संचालन हो रहा है.

जमीन देने वाले परिवार के नाम पर होगा केंद्र का नाम

विभाग ने तय किया है कि अगर कोई व्यक्ति केंद्र के लिए जमीन देता है, तो उस केंद्र का नाम वह अपने किसी भी परिवार के सदस्य के नाम पर रख सकते हैं. काेविड से पूर्व इसको लेकर विभागीय स्तर पर सहमति बनी थी, लेकिन कोविड के कारण इस अभियान पर काम शुरू नहीं हो पाया था. अब दोबारा से इसको लेकर विभाग ने जिलों को दिशा-निर्देश भेजा है.

कम बच्चे वाले केंद्र को दूसरे केंद्र में करना है मर्ज

विभाग का निर्णय है कि जिस केंद्र पर बच्चों की संख्या कम है. उस केंद्र को दूसरे केंद्र में शिफ्ट किया जाये, लेकिन इस निर्णय के बाद भी अब तक किसी भी केंद्र को दूसरे केंद्र में कम बच्चा रहने के कारण नहीं शिफ्ट किया गया है. इस कारण से कम बच्चे रहने पर भी केंद्रों को चलाया जा रहा है. विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जब भी अधिकारियों का निरीक्षण होता है, तो आसपास के बच्चों को लाकर केंद्र में बिठा लिया जाता है. इस तरह से फर्जीवाड़ा करने भी केंद्र संचालन किया जा रहा है. जल्द ही ऐसे केंद्रों को चिह्नित कर उन्हें दूसरी जगह पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन