संवाददाता, पटना केंद्र ने एक राज्य एक ग्रामीण बैंक की नीति पहली मई से लागू कर दी है. सरकार के इस फैसले का असर बिहार के साथ साथ देश के 11 राज्यों में देखने को मिलेगा. बिहार के दो ग्रामीण बैंक, दक्षिण व उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक का भी विधिवत विलय हो गया है.अब बिहार में केवल एक ही ग्रामीण बैंक बिहार ग्रामीण बैंक कार्य करेगा.इस बैंक का प्रधान कार्यालय पटना में और प्रायोजक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) बन गया है. केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद से ग्राहकों को पहले से और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.ग्रामीण बैंकों के इस विलय के फैसले से वैसे ग्राहकों को पहले से और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इससे डिजिटल और कस्टमर सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर भी काफी मजबूत होगा और बैंक ब्रांच की संख्या में कोई कमी नहीं आयेगी. किसी का भी अकाउंट इन बैंक में है तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा. सिर्फ और सिर्फ बैंक का नाम बदलेगा.पुराना चेक बुक और पासबुक कुछ समय के लिए मान्य रहेगा और बाद में नया चेक बुक, पासबुक और अकाउंट नंबर मिलेगा.
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