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बिहार में राजस्व कर्मियों की मनमानी होगी खत्म, मॉर्डन रिकॉर्ड रूम में मिलेंगे नक्शा समेत जमीन के सभी दस्तावेज

Updated at : 11 Jul 2021 1:45 PM (IST)
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बिहार में राजस्व कर्मियों की मनमानी होगी खत्म,  मॉर्डन रिकॉर्ड रूम में मिलेंगे नक्शा समेत जमीन के सभी दस्तावेज

राजस्व कर्मियों की मनमानी को खत्म कर अंचल में एक ही छत के नीचे मामूली शुल्क लेकर 28 तरह के जमीन- राजस्व के नक्शा आदि दस्तावेज उपलब्ध कराने को आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केंद्र (मॉर्डन रिकॉर्ड रूम) योजना का 15 जुलाई को पहला चरण शुरू होने जा रहा है़ इस चरण में 15 जिलों की 75 अंचल में माॅडर्न रिकाॅर्ड रूम काम करने लगेंगे़ अंचल कार्यालय परिसर में बने इन आधुनिक रिकाॅर्ड रूम की सेवा जनता को देने से पहले सबकुछ चेक करने के लिए राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने नोडल पदाधिकारी नियुक्त कर दिये है़ं

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राजस्व कर्मियों की मनमानी को खत्म कर अंचल में एक ही छत के नीचे मामूली शुल्क लेकर 28 तरह के जमीन- राजस्व के नक्शा आदि दस्तावेज उपलब्ध कराने को आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केंद्र (मॉर्डन रिकॉर्ड रूम) योजना का 15 जुलाई को पहला चरण शुरू होने जा रहा है़ इस चरण में 15 जिलों की 75 अंचल में माॅडर्न रिकाॅर्ड रूम काम करने लगेंगे़ अंचल कार्यालय परिसर में बने इन आधुनिक रिकाॅर्ड रूम की सेवा जनता को देने से पहले सबकुछ चेक करने के लिए राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने नोडल पदाधिकारी नियुक्त कर दिये है़ं

सात नोडल अधिकारी दौरे पर रवाना

गोपालगंज, सारण, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, नवादा, खगड़िया की चार- चार अंचल, बक्सर छह, मुंगेर तीन, बांका सात, कैमूर सात, औरंगाबाद पांच, गया छह, कटिहार आठ, सुपौल सात और सहरसा की दो अंचल के माॅर्डन रिकाॅर्ड रूम का संचालन 15 जुलाई से शुरू हो जायेगा. इसके लिए नियुक्त किये गये सात नोडल अधिकारियों को शनिवार को संबंधित जिलों के दौरे पर रवाना कर दिया गया.

13 जुलाई को मुख्यालय को सौंपनी है रिपोर्ट

निदेशालय ने सभी को एक चेक लिस्ट उपलब्ध करायी है़ संबंधित अंचल पर पहुंच कर इन अधिकारियों को इसी चेक लिस्ट के आधार पर मिलान कर 13 जुलाई को रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को सौंपनी है़.

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इन 28 दस्तावेजों की नकल उपलब्ध होगी

कैडेस्ट्रल सर्वे खतियान, रिविजनल सर्वे खतियान, चकबंदी खतियान, राजस्व ग्राम मानचित्र, जमाबंदी पंजी (डिजिटाइज्ड), नामांतरण पंजी, नामांतरण अभिलेख, नामांतरण शुद्धि पत्र की मौजावार रक्षी पंजी, भूमि बंदोबस्ती पंजी, गैरमजरूआ आम / खास / कैसरे हिंद भूमि पंजी, भू-हदबंदी भूमि बंदोबस्ती पंजी, भू-हदबंदी अभिलेख, भूमि क्रय पंजी, वासगीत पर्चा अभिलेख पंजी, वासगीत पर्चा अभिलेख, राज्य सरकार द्वारा निर्गत हुए पत्रों / परिपत्रों / संकल्प / अधिसूचना की रक्षी संचिका, बीटी एक्ट की धारा 48डी पंजी एवं अभिलेख, गृह स्थल बंदोबस्ती पंजी एवं अभिलेख, भूमि मापी पंजी एवं अभिलेख, भू-संपदा पंजी, सैरात पंजी, भूमि अतिक्रमण बाद पंजी एवं अभिलेख, भू-दान, भूमि लगान निर्धारण एवं बंदोबस्ती पंजी तथा अभिलेख महादलित भूमि क्रय एवं बंदोबस्त पंजी एवं अभिलेख, सैरात बंदोबस्ती पंजी एवं अभिलेख, बीटी एक्ट की धारा 52 ए के बाद का पंजी एवं अभिलेख, गैरमजरूआ आम खास (मालिक) / कैसरे हिंद / धार्मिक न्यास / वक्फ बोर्ड / कब्रिस्तान / श्मशान आदि के भूमि से संबंधित पंजी और सरकारी भूमि हस्तांतरण पंजी इन माॅर्डन रिकार्ड रूप में उपलब्ध रहेगी़

शुल्क देकर ले सकेंगे दस्तावेज की कॉपी

सूचनाओं को डाटा सेंटर से तुरंत प्राप्त किया जा सकेगा. आम आदमी भी शुल्क देकर निश्चित समय के अंदर इसकी सेवा ले सकेगा. रजिस्टर टू , खतियान आदि सभी राजस्व दस्तावेज की कॉपी अभिलेखागारों से हासिल करने के लिए आवेदक को 10 से 50 रुपये के बीच शुल्क देना होगा. जीरो साइज के पेपर पर उपलब्ध होनेवाला मानचित्र भी इन अभिलेखागारों के जरिए उपलब्ध होगा. हालांकि, इसके लिये 150 रुपये प्रति शीट की दर से शुल्क देना होगा.

सीसीटीवी की निगरानी में होगा पूरा काम : विवेक कुमार सिंह

राज्य के सभी 534 अंचलों में यह सेवा दी जानी है. 436 अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केंद्र का दो-मंजिला भवन तैयार हो चुके हैं. 267 अंचलों में जल्दी यह ही एमआरआर काम करने लगेंगे. एसओपी तैयार कर ली गयी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने योजना को पूरा करने के लिए 4298.7 लाख का बजट जारी कर दिया है. प्रत्येक अभिलेखागार सह डाटा सेंटर में 16 लाख 10 रुपये के उपकरण खरीदे गये हैं. यहां पूरा काम सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में होगी. अभिलेखागारों में अंचल स्तर पर सृजित होने वाले अभिलेख आदि को संरक्षित रखा जायेगा. दस्तावेजों की डिजिटल (स्कैन) कॉपी भी रिकॉर्ड में रहेगी.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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