JEE Main 2020: कोरोना के कारण देश में 10 से 11% तक छात्रों की उपस्थिति रही कम, बिहार में खास अंतर नहीं

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पटना :कोरोना महामारी के बीच जेइइ मेन-2 जारी है. यह छह सितंबर तक चलेगा. इस बीच बिहार में जेइइ मेन-2 में स्टूडेंट्स की उपस्थिति में कुछ ज्यादा का अंतर नहीं है. एक्सपर्ट की मानें तो स्टूडेंट्स परीक्षा देना चाहते हैं और बेहतर रैंक हासिल कर जेइइ एडवांस में शामिल होना चाहते हैं. विभिन्न कोचिंग संस्थानों के डायरेक्टरों ने कहा कि परीक्षा में ज्यादा कुछ अंतर नहीं है. इस बार पिछली बार के मुकाबले पूरे देश से सिर्फ 10% कम उपस्थिति है, जबकि बिहार में उपस्थिति में कुछ खास अंतर नहीं है. जनवरी में हुए जेइइ मेन में स्टूडेंट्स की उपस्थिति और अभी चल रहे जेइइ-2 में उपस्थिति में करीब-करीब बराबर है.

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पटना :कोरोना महामारी के बीच जेइइ मेन-2 जारी है. यह छह सितंबर तक चलेगा. इस बीच बिहार में जेइइ मेन-2 में स्टूडेंट्स की उपस्थिति में कुछ ज्यादा का अंतर नहीं है. एक्सपर्ट की मानें तो स्टूडेंट्स परीक्षा देना चाहते हैं और बेहतर रैंक हासिल कर जेइइ एडवांस में शामिल होना चाहते हैं. विभिन्न कोचिंग संस्थानों के डायरेक्टरों ने कहा कि परीक्षा में ज्यादा कुछ अंतर नहीं है. इस बार पिछली बार के मुकाबले पूरे देश से सिर्फ 10% कम उपस्थिति है, जबकि बिहार में उपस्थिति में कुछ खास अंतर नहीं है. जनवरी में हुए जेइइ मेन में स्टूडेंट्स की उपस्थिति और अभी चल रहे जेइइ-2 में उपस्थिति में करीब-करीब बराबर है.

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बिहार में नहीं पड़ा कुछ खास प्रभाव 

जनवरी में हुए जेइइ मेन में बिहार से 92% स्टूडेंट्स उपस्थित हुए थे. वहीं, इस एग्जाम में पहले दिन बिहार से 85% स्टूडेंट्स उपस्थिति हुए थे. दूसरे दिन 92% और तीसरे दिन 89% स्टूडेंट्स एग्जाम में उपस्थिति हुए. अभी दो दिनों का एग्जाम और बाकी है. उपस्थिति का औसत 90% के आसपास रहने का अनुमान है. वहीं, एक्सपर्ट ने कहा कि जेइइ मेन-1 और जेइइ मेन-2 में उपस्थिति पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा है. जेइइ मेन-1 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स ही इस एग्जाम में शामिल नहीं हो रहे हैं. उनके पैरेंट्स का भी सोच बदल गया है.

बेहतर रैंक वाले छात्र नहीं हुए शामिल 

कई पैरेंट्स ने कहा है कि जब जनवरी में बेहतर रैंक आ गया है तो इस महामारी में एग्जाम देने की कोई जरूरत नहीं है. कई स्टूडेंट्स ट्रांसपोर्ट और परेशानियों को देखते हुए भी एग्जाम में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. ये वही स्टूडेंट्स हैं, जो जेइइ मेन-1 में शामिल हुए हैं. शिक्षकों ने कहा कि इसके बाद भी अधिकतर स्टूडेंट्स अपना रैंक सुधार करना चाहते हैं.

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उपस्थिति में नहीं है कोई अंतर

जुपिटर के डायरेक्टर धनंजय नारायण ने कहा कि उपस्थिति में कोई खास अंतर नहीं है. जनवरी में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बेहतर मौका है. स्टूडेंट्स इसे गंवाना नहीं चाहते हैं. इस कारण यहां के उपस्थिति में कुछ खास अंतर नहीं है. मेरी जानकारी में मेरे सभी स्टूडेंट्स एग्जाम में शामिल हो रहे हैं. वहीं, जुपिटर एकेडमी के कोर्स को-ऑर्डिनेटर रतन कुमार राय ने कहा कि इस एग्जाम में स्टूडेंट्स और भी बेहतर करना चाहते हैं. इस कारण उपस्थिति बिहार में काफी अच्छी है. जनवरी की तरह ही उपस्थिति इस बार भी है.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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