पटना: 834 वर्ष पुराने श्रीरामजानकी मठ के जीर्णोद्धार में आईआईटी पटना की बड़ी भूमिका, निदेशक ने किया तकनीकी निरीक्षण

Updated:
विज्ञापन
834 साल पुराने मठ के जीर्णोद्धार में IIT पटना की भूमिका

IIT Patna: सीतामढ़ी स्थित 834 वर्ष प्राचीन श्रीरामजानकी मठ के जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में है. IIT पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने विशेषज्ञों की टीम के साथ स्थल का तकनीकी निरीक्षण किया. यह निर्माण कार्य देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है.

विज्ञापन

IIT Patna: सीतामढ़ी जिले के राघोपुर बखरी स्थित 834 वर्ष प्राचीन श्रीरामजानकी मठ के जीर्णोद्धार की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है. 29 जुलाई से शुरू होने वाले पुनर्निर्माण कार्य से पहले बुधवार को आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह विशेषज्ञों की टीम के साथ मठ पहुंचे और स्थल का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया.

मठ की संरचना और तकनीकी पहलुओं का किया अध्ययन

निरीक्षण के दौरान मठ की संरचना, भौगोलिक स्थिति और पुनर्निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन किया गया. आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम ने परियोजना को सुरक्षित, टिकाऊ और ऐतिहासिक स्वरूप के अनुरूप पूरा करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए.

संरक्षण और विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

विशेषज्ञों ने मठ के भावी विकास और संरक्षण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की. पुनर्निर्माण कार्य को दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी उपायों पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि ऐतिहासिक धरोहर का मूल स्वरूप सुरक्षित रखा जा सके.

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का अभियान : निदेशक

आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि संस्थान शुरुआत से ही इस ऐतिहासिक परियोजना में तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहयोग प्रदान कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अभियान है.

आईआईटी पटना देगा निरंतर सहयोग

प्रो. सिंह ने कहा कि आईआईटी पटना अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से इस परियोजना में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सहयोग करता रहेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि पुनर्निर्माण कार्य ऐतिहासिक महत्व और गुणवत्ता दोनों दृष्टि से सफल होगा.

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह

834 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मठ के जीर्णोद्धार को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है. माना जा रहा है कि पुनर्निर्माण के बाद यह धार्मिक धरोहर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भव्य स्वरूप के साथ श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगी.


विज्ञापन
Monu Kumar Mishra

लेखक के बारे में

By Monu Kumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन