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बिहार की महिलाओं के लिए सुरक्षा पहली, रोजगार दूसरी प्राथमिकताफोटो

Updated at : 28 May 2025 12:40 AM (IST)
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बिहार की महिलाओं के लिए सुरक्षा पहली, रोजगार दूसरी प्राथमिकताफोटो

बिहार की अधिकांश महिलाएं आबादी के बीच थाना या पुलिस चौकी चाहती हैं

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मनोज कुमार, पटना बिहार की अधिकांश महिलाएं आबादी के बीच थाना या पुलिस चौकी चाहती हैं. सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है. महिलाएं चाहती हैं कि गांवों में अगरबत्ती फैक्ट्री लगे. कपड़ा निर्माण उद्योग और लघु उद्यम की स्थापना हो. वे अपने गांव से ही बस सेवा चाहती हैं. गांव में बस स्टैंड हो, ये भी उनकी इच्छा है. राज्यभर में जारी महिला संवाद के दौरान महिलाओं की मांगों के विश्लेषण से महिलाओं की ये मांगें सामने आयी हैं. जिलों से भेजी गयी रिपोर्ट का जीविका ने विश्लेषण किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ये रिपोर्ट सौंपी जानी है. इसके आधार पर महिलाओं के लिए योजनाएं बनायी जायेंगी. दीदियों ने प्रारंभिक निवेश निधि से ब्याज दर घटाने की मांग की जीविका दीदियों ने सामुदायिक निवेश निधि रिवॉल्विंग फंड एवं प्रारंभिक निवेश निधि से प्राप्त लोन पर ब्याज दर घटाने की मांग की है. जीविका भवन, ग्राम संगठन भवन, कृषि यंत्र बैंक, अन्न भंडार, कोल्ड स्टोरेज निर्माण की भी इच्छा जतायी गयी है. वे गांवों में सामुदायिक लाइब्रेरी भी चाहती हैं. सामुदायिक भवन और विवाह भवन गांव में हो, ये भी उनकी आकांक्षा है. वृद्धा, विधवा व दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग संवाद में महिलाओं ने वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग की है. खासकर वृद्ध महिलाओं ने वृद्धा पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठायी है. गांवों में महिला उद्यमियों को लघु-कुटीर उद्यम स्थापना करने के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की गयी है. स्थानीय उत्पादों के लिए खुले हाट महिलाओं ने गांव में सिलाई केंद्र की स्थापना तथा उत्पादों की बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. उनकी इच्छा है कि स्थानीय स्तर के उत्पादों के क्रय एवं विक्रय के लिए ग्रामीण हाट-बाज़ार की स्थापना हो. 70 हजार में 60 फीसदी से अधिक जगहों पर संवाद आयोजित राज्य के सभी जिलों में 70 हजार से अधिक जगहों पर महिला संवाद प्रस्तावित है. इसमें 60 फीसदी से अधिक जगहों पर संवाद का आयोजन किया जा चुका है. दो करोड़ महिलाओं से संवाद का लक्ष्य रखा गया है. इसमें जीविका की ओर से रोज अलग-अलग गांवों में दो शिफ्टों में दो-दो घंटे संवाद कर महिलाओं की मांगें सुनी जा रही हैं. सरकार की योजनाओं का फीडबैक भी लिया जा रहा है. महिलाओं की प्रमुख मांगें – गांव व आबादी वाले क्षेत्र में थाना या पुलिस चौकी – अगरबत्ती फैक्ट्री, कपड़ा निर्माण उद्योग व लघु उद्यम – गांव में सिलाई केंद्र, उत्पादों की बिक्री की सुविधा – बस सेवा, बस स्टैंड – वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़े – प्रारंभिक निवेश निधि में ब्याज दर घटे – गांव में सामुदायिक व विवाह भवन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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