संवाददाता,पटना बिहार में विधानसभा चुनाव होनेवाला है. भारत निर्वाचन आयोग सभी योग्य महिला मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने में जुटा है. इस काम में राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपील की गयी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एच आर श्रीनिवास ने हाल ही में राजनीतिक दलों और निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक में महिला मतदाताओं के नाम जोड़ने पर बल दिया. मतदाता सूची के लिंगानुपात में सुधार पर अधिक फोकस किया जा रहा है. पिछले दो लोकसभा चुनाव और दो विस चुनाव में महिला वोटरों की भागीदारी पुरुष वोटरों से अधिक रही है. राज्य की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल सात करोड़ 80 लाख 22 हजार 933 मतदाता हैं. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या चार करोड़ सात लाख 63 हजार 352 हैं जो कुल संख्या का 52.25 प्रतिशत है. राज्य भर में महिला मतदाताओं की संख्या कुल तीन करोड़ 72 लाख 57 हजार 477 है जो कुल संख्या का 47.75 प्रतिशत है. महिला मतदाताओं का अनुपात करीब साढ़े चार प्रतिशत कम हैं. हालांकि अधिक संख्या में होने के बाद भी पुरुषों की भागीदारी वोटिंग करने में कम होती है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि लोकसभा आम चुनाव 2019 में बिहार में कुल मतदान 57.33 प्रतिशत हुआ. इसमें पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 54.09 प्रतिशत थी जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी 59.58 प्रतिशत रही. इसी प्रकार वर्ष 2024 के लोकसभा आम चुनाव के दौरान बिहार में कुल मतदान 56.28 प्रतिशत हुआ है. इसमें पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 53.00 प्रतिशत रही जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी 59.45 प्रतिशत थी. इसी प्रकार बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में कुल मतदान 56.88 प्रतिशत हुआ. इसमें पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 53.32 प्रतिशत रही जबकि महिला मतदाताओं की 60.48 प्रतिशत रही. विधानसभा चुनाव 2020 में कुल मतदान 57.29 प्रतिशत रहा जिसमें पुरुषों की भागीदारी 54.45 प्रतिशत तो महिला मतदाताओं की 56.69 प्रतिशत रही. महिलाओं की मतदान में भागीदारी को देखते हुए आयोग सभी योग्य महिलाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने पर फोकस कर रहा है.
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