10.3 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

बिहार के स्टार्टअप को मिलेगी नई ताकत, IIT मद्रास, बॉम्बे और टी-हब हैदराबाद से सीखकर बनेगा विकास मॉडल

Bihar News: बिहार में स्टार्टअप को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने की तैयारी है. राज्य सरकार आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और टी-हब हैदराबाद के सफल मॉडल से सीख लेकर नवाचार, फंडिंग और मेंटरशिप के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करेगी.

Bihar News: बिहार में अब स्टार्टअप सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य सरकार बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने जा रही है. इसके लिए देश के शीर्ष नवाचार केंद्र- आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और टी-हब हैदराबाद का मॉडल अपनाया जाएगा. इन संस्थानों के विशेषज्ञ बिहार के स्टार्टअप सिस्टम का गहराई से अध्ययन करेंगे और यह बताएंगे कि यहां नवाचार, तकनीक और बिजनेस को कैसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है.

दिलीप जायसवाल ने रिपोर्ट तैयार करने का दिया निर्देश

बुधवार को उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि अब केवल योजनाएं नहीं, बल्कि परिणाम दिखने चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश के सबसे सफल स्टार्टअप राज्यों और संस्थानों का तुलनात्मक अध्ययन कर एक ठोस और समयबद्ध रिपोर्ट तैयार की जाए. इसके तहत बिहार के इन्क्यूबेशन सेंटरों के प्रतिनिधि आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क, आईआईटी बॉम्बे के SINE और टी-हब हैदराबाद का दौरा करेंगे. वहां से फंडिंग मॉडल, स्टार्टअप मेंटरशिप, इंडस्ट्री कनेक्शन और मार्केट एक्सेस जैसे सफल प्रयोगों को बिहार में लागू किया जाएगा.

उद्योग मंत्री ने क्या कहा?

उद्योग मंत्री ने साफ कहा कि स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को सिर्फ प्रोत्साहन नहीं, बल्कि मजबूत सहयोग मिलेगा. राज्य के इन्क्यूबेशन सेंटर्स को वित्तीय और गैर-वित्तीय सहायता दी जाएगी. साथ ही स्टार्टअप के लिए मेंटरशिप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा, ताकि नए उद्यमियों को तकनीकी, प्रबंधन और बाजार से जुड़ी सही दिशा मिल सके. जायसवाल ने भरोसा दिलाया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाएं, प्रशिक्षण और मेंटर सपोर्ट के लिए उद्योग विभाग हर स्तर पर साथ खड़ा रहेगा.

बिहार में फिलहाल 22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स एक्टिव

बिहार में फिलहाल 22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स एक्टिव हैं, जिनके जरिए अब तक 90 विद्यार्थियों के स्टार्टअप का चयन किया जा चुका है. बीएयू सबौर, आईआईटी पटना, सीआईएमपी और एमिटी पटना जैसे संस्थानों की इसमें अहम भूमिका रही है. वर्तमान में इन सेंटरों से 700 से अधिक स्टार्टअप जुड़े हुए हैं, जिन्हें 300 से ज्यादा मेंटर मार्गदर्शन दे रहे हैं. सरकार का मानना है कि अगर सही मॉडल और मजबूत नेटवर्क मिला, तो बिहार के युवा भी देश के बड़े स्टार्टअप हब्स को टक्कर दे सकते हैं और राज्य में रोजगार व नवाचार की नई कहानी लिख सकते हैं.

Also Read: Bihar News: आपका भी सरकारी काम अटका है? अब सीधे अफसर से करें शिकायत, नीतीश ने तय किए हफ्ते में 2 दिन

Abhinandan Pandey
Abhinandan Pandey
भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel