Coronavirus In Bihar: बिहार में कोरोना के खतरे को देख पाबंदी लागू, बिना गाने-बाजे निकलेगी बारात, दफ्तरों में नहीं दिखेंगे सभी कर्मचारी

कोरोना(coronavirus) के बढ़ते प्रकोप को लेकर गुरुवार को बिहार में भी कुछ पाबंदियां लगायी गयीं. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अमीर सुबहानी व आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी नयी गाइडलाइन के अनुसार राज्य सरकार ने भी नये निर्देश जारी किये हैं.
कोरोना(coronavirus) के बढ़ते प्रकोप को लेकर गुरुवार को बिहार में भी कुछ पाबंदियां लगायी गयीं. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अमीर सुबहानी व आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी नयी गाइडलाइन के अनुसार राज्य सरकार ने भी नये निर्देश जारी किये हैं.
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में निर्णय लिया गया कि पटना, बेगूसराय, जमुई, वैशाली, पश्चिमी चंपारण और सारण जिलाें में आवश्यक सेवा को छोड़ कर अन्य सभी सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों में 50% कर्मचारियों की ही उपस्थिति रहेगी. वहीं, पटना में आने वाले या पटना से किसी अन्य राज्य या जिले में जाने वाली बसों में सीटों की संख्या का 50% ही यात्री बैठ सकेंगे. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन छह जिलों में से पटना में बीते एक सप्ताह से जांच में 10% से अधिक कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, जबकि अन्य पांच जिलों में भी कोरोना बढ़ने की रफ्तार बढ़ रही है.
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन छह जिलों के साथ पूरे राज्य में शादी समारोह व श्राद्ध कर्म में उपस्थिति को लेकर भी नयी गाइडलाइन जारी की गयी है. शादी समारोह में अधिकतम 100 लोगों को ही आने की अनुमति रहेगी. शादी के दौरान सड़क पर डीजे बजाना या डांस आदि करने की अनुमति नहीं रहेगी. हालांकि, समारोह स्थल पर इसका आयोजन किया जा सकता है. वहीं, श्राद्ध कर्म में अधिकतम 25 लोग ही उपस्थित हो सकेंगे. समारोह में थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सैनिटाइज की व्यवस्था करनी होगी. सार्वजनिक स्पर्श के स्थान को सैनिटाइज करना होगा.
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर सभी जिलों को निर्देश दिया गया है. गृह विभाग ने कहा कि जिला प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिल कर कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाये. लोगों को बताया जाये कि नदी में सार्वजनिक रूप से स्नान करने और एक साथ एकत्र होने से कोरोना फैलने का खतरा बढ़ेगा. नदी घाट या सार्वजनिक स्थान पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, बुखार वाले लोग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को आने की अनुमति नहीं रहेगी. बसों में भीड़-भाड़ को लेकर जागरूक किया जाये.
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जारी नयी गाइडलाइन तीन दिसंबर तक लागू रहेगी. इसके बाद फिर समीक्षा कर आगे का निर्णय होगा. उन्होंने बताया कि केंद्र की नयी गाइडलाइन के सभी सामान्य नियम 31 दिसंबर तक राज्य में लागू हैं.
Posted by : Thakur Shaktilochan
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