Bihar Politics: राजद से दूर और चाचा पारस के करीब जाने की कोशिश! क्या कोई नया 'खेला' करेंगे चिराग पासवान?

चिराग पासवान ने हाल के दिनों में पार्टी के फैसले और अपने बयानों से फिर एक बार कयासों का बाजार गर्म कर दिया है. पटना में चिराग से जब चाचा पारस के बारे में सवाल किये गये तो वो विवादों के बाद पहली बार बेहद नरम दिखे.
ठाकुर शक्तिलोचन: बिहार में सियासत गरमायी हुई है. इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी अपनी सियासी हलचल तेज कर दी है. पटना पहुंचते ही चिराग पासवान ने एक तरफ जहां सीएम नीतीश कुमार पर हमला तेज किया है वहीं दूसरी तरफ अपने चाचा यानी पशुपति पारस के लिए अब नरम होते दिखे हैं. इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के तरफ से मिले खुले ऑफर को भी चिराग किनारे कर चुके हैं. जिसके बाद अब सियासी गलियारे में ये चर्चा तेज है कि क्या चिराग अब कुछ ‘खेला’ करने के मूड में हैं.
पटना पहुंचे चिराग पासवान ने प्रभात खबर से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए साफ किया कि उनकी पार्टी लोजपा(रामविलास) अभी किसी भी गठबंधन के साथ आगे नहीं बढ़ रही है. एकला चलो रे के तर्ज पर ही चिराग अभी बढ़ेंगे.
याद दिलाते चलें कि विधानसभा उपचुनाव परिणाम के बाद चिराग ने गठबंधन के साथ आगे चलने की बात कही थी. राजद लगातार उन्हें साथ आने का न्योता देता रहा. लालू यादव व तेजस्वी ने खुलकर उन्हें साथ आने का आमंत्रण दिया. वहीं सुत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आयी थी कि चिराग आगामी विधानपरिषद चुनाव में राजद के साथ सीट साझा कर सकते हैं. लेकिन अब चिराग ने साफ कर दिया है कि वो अकेले ही चलेंगे.
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए चिराग ने कहा कि वो अगर उनके चाचा यानि पशुपति पारस माफी मांगने कहते हैं तो उन्हें (चिराग) को कोई दिक्कत नहीं है. पहले की अपेक्षा चिराग चाचा पारस का जिक्र होने पर बेहद नरम दिखे. चिराग ने कहा कि चाचा हमेसा पिता तुल्य होते हैं. चाचा को हमारे यहां मंझला या बड़े/छोटे पापा कहने की रीत है. बस हमें कारण बता दें तो माफी मांगने में दिक्कत नहीं है.
चिराग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने साफ किया कि वो पार्टी लाइन से अलग पीएम मोदी का सम्मान व्यक्तिगत तौर पर करते हैं क्यों पीएम ने उस बुरे दौर में साथ दिया था जब रामविलास पासवान की सेहत बेहद खराब थी. दूसरी ओर पटना आते ही चिराग जदयू और खासकर सीएम नीतीश पर लगातार हमलावर दिखे हैं.
इन तमाम बातों को जोड़कर अगर एक सुत्र में पिरोया जाए तो चिराग के बयानों और राजनीतिक गतिविधियों को देखकर कई कयास अब लगाये जाने लगे हैं. लेकिन राजनीति में कुछ भी आंकलन कर लेना जल्दबाजी ही कही जाती है इसलिए वक्त का इंतजार करना ही बेहतर है.
Published By: Thakur Shaktilochan
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