Budget Session: चारा घोटाले में आया जगन्नाथ मिश्रा का नाम, तो तेजस्वी यादव से भिड़ गए नीतिश मिश्रा
Published by : Ashish Jha Updated At : 05 Mar 2025 12:40 AM
Budget Session
Budget Session: चारा घोटाले का जिक्र होते ही इस मामले में सजा पाए पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा सदन में एक दूसरे से नोकझोंक करने लगे.
Budget Session: पटना. बिहार में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े घोटालों में एक चारा घोटाला का जिन्न समय समय पर राज्य की सियासत में भूचाल मचा देता है. मंगलवार को विधानसभा में एक बार फिर चारा घोटाले का जिन्न निकला. चारा घोटाले का जिक्र होते ही इस मामले में सजा पाए पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतिश मिश्रा सदन में एक दूसरे से नोकझोंक करने लगे.
तेजस्वी यादव में विपक्ष को किया असहज
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कई मुद्दों पर नीतीश सरकार को घेरा. इस दौरान उन्होंने चारा घोटाले में बार-बार लालू यादव का नाम लेने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि आप लोग लालू यादव का नाम लेते हैं, लेकिन इसी चारा घोटाले में जगन्नाथ मिश्रा का भी नाम आया. उन्हें भी आरोपित बनाया गया. उन्हें भी सजा मिली, लेकिन उनका नाम तो आप कभी नहीं लेते. उन्होंने सत्ता पक्ष के लोगों से सवाल किया कि आप लोग चारा घोटाले में जगन्नाथ मिश्रा का नाम क्यों नहीं लेते.
मामला बढ़ता देख सभा अध्यक्ष ने किया हस्तक्षेप
तेजस्वी यादव ने जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का नाम लिया, विपक्षी खेमा खामोश हो गया, लेकिन सदन में मौजूद जगन्नाथ मिश्रा के बेटे और मंत्री नीतिश मिश्रा अपनी जगह से उठ खड़े हुए. उन्होंने तेजस्वी यादव को कहा कि उनके पिता जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाला मामला में कोर्ट ने बरी किया था. इस पर तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि आप गलत जानकारी दे रहे हैं. आपके पिता को दो मामलों में बरी किया गया था, जबकि शेष मामलों में सजा हुई थी. आपके पिता जगन्नाथ मिश्रा भी चारा घोटाला में सजायाफ्ता रहे हैं. मामला बढ़ता देख स्पीकर ने दोनों के बीच हस्तक्षेप किया और मामला शांत हुआ.
जगन्नाथ मिश्रा को मिली थी सजा
जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से जुड़े दो मामलों में उन्हें चार और पांच साल की सजा मिली थी, जबकि दुमका और देवघर मामले में वे बरी हो गये थे. डोरंडा मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो पाई. ऐसे में यह कहना सही है कि उन्हें चारा घोटाले में सजा तो मिली, लेकिन वे लालू प्रसाद की तरह जेल नहीं गुजारे. कोर्ट ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों से जमानत दे रखी थी.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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