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बिहार के 4000 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों की होगी मान्यता रद्द, इस नियम का किया उल्लंघन

Updated at : 24 Dec 2024 8:37 AM (IST)
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patna school

प्रतीकात्मक तस्वीर

Bihar Teacher: आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन करनेवाले इन स्कूलों पर शिक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई का आदेश दिया है. साथ ही कार्रवाई के बाद राज्य शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

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Bihar Teacher: पटना. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानदंडों को पूरा नहीं करनेवाले बिहार के 4915 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी. आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन करनेवाले इन स्कूलों पर शिक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई का आदेश दिया है. साथ ही कार्रवाई के बाद राज्य शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपने को कहा है. इनका यू- डायस कोड रद्द होगा. मंत्रालय की ओर से यू- डायस प्लस 2023-24 की रिपोर्ट से इन स्कूलों की पहचान हुई है.

करीब पांच हजार स्कूलों पर लटकी तलवार

बिहार के 4915 स्कूलों को आरटीई अधिनियम के लागू होनेके दिन यू- डायस प्लस पर पंजीकृत होने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई थी. इनको अधिनियम के शुरू होने की तारीख से तीन साल के भीतर मानदंडों को पूरा करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया था. इन स्कूलों पर कार्रवाई नहीं हुई और इनका यू- डायस कोर्ड भी रद्द नहीं किया गया. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.

मार्च तक रिपोर्ट देने का निर्देश

शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने राज्य शिक्षा विभाग को इस संबंध मेंपत्र लिखा है. आरटीई अधिनियम का उल्लंघन करने के बाद भी यू- डायस प्लस पर पंजीकृत होकर चल रहे इन स्कूलों पर कार्रवाई का आदेश दिया है. पत्र में कहा गया है कि शिक्षा विभाग जल्द से जल्द इस मामले पर हस्तक्षेप करें. मंत्रालय ने राज्यों को निश्चित समय सीमा 31 मार्च 2025 के भीतर कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपने को कहा है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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