बिहार में 17 हजार पूर्व सैनिकों की होगी सीधी बहाली, जानिए सरकार ने क्यों उठाया कदम

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Feb 2026 8:10 PM

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बिहार सीएम नीतीश कुमार

Bihar SAP Recruitment: बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एसएपी में 17 हजार पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों की भर्ती का फैसला लिया है. इससे पुलिस बल को अनुभवी कर्मियों का साथ मिलेगा और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी.

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Bihar SAP Recruitment: बिहार सरकार ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. गृह विभाग ने कैबिनेट के फैसले के बाद बिहार स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (एसएपी) में 17 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया तेज कर दी है. इस बार सिर्फ सेना से रिटायर्ड जवान ही नहीं, बल्कि अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड कर्मियों को भी मौका दिया जाएगा.

अब तक क्या होता था

अब तक एसएपी में केवल भारतीय सेना के पूर्व जवानों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाता था, लेकिन पहली बार अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को भी सीधे नियुक्ति दी जाएगी. सरकार का मानना है कि अनुभवी और प्रशिक्षित जवानों के आने से कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी.

इस योजना को लागू करने के लिए गृह विभाग के उप सचिव ने बजट और वित्तीय मंजूरी मांगी है. प्रस्ताव में जवानों के वेतन में बढ़ोतरी की बात भी शामिल है. जूनियर कमीशंड ऑफिसर का मानदेय 35 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है. एसएपी जवानों का मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह करने की योजना है.

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कितना बोझ बढ़ेगा

सरकार के अनुमान के मुताबिक 17 हजार पदों पर बढ़े हुए वेतन के साथ भर्ती करने पर राज्य के खजाने पर हर साल करीब 642 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इसमें 150 अधिकारी, 16300 जवान और 550 अन्य पद शामिल होंगे.

बिहार की आबादी लगभग 13 करोड़ है और इसके मुकाबले पुलिस बल की संख्या कम मानी जाती है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से पुलिसिंग में तेजी आएगी और आम लोगों को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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