Bihar Police: सिपाही ने 34 साल पहले लिया था 20 रुपया घूस, विजिलेंस कोर्ट ने अब दिया गिरफ्तार करने का आदेश

Author Ashish jha
Updated:
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बिहार पुलिस (सांकेतिक)

Bihar Police: सिपाही पर आरोप है कि वो 34 साल पहले सब्जी बेचनेवाली महिला से 20 रुपये घूस लेता हुआ पकड़ा गया था. यह घटना 6 मई 1990 की है.

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Bihar Police: पटना. बिहार पुलिस का एक सिपाही 34 साल पहले 20 रुपया रिश्वत लेने के मामले में आरोपित है. विशेष निगरानी न्यायाधीश ने इस वर्षों पुराने मामले में अब आरोपित सिपाही को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है. कोर्ट ने बिहार के डीजीपी को उक्त सिपाही को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है. सिपाही पर आरोप है कि वो 34 साल पहले सब्जी बेचनेवाली महिला से 20 रुपये घूस लेता हुआ पकड़ा गया था. यह घटना 6 मई 1990 की है. जब आरोपी सुरेश प्रसाद सिंह बड़हिया में सिपाही के पद पर पदस्थापित था.

महिला से जबरन वसूला था 20 रुपया

घटना के दिन उसकी ड्यूटी सहरसा रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी. इसी दौरान सुरेश प्रसाद सिंह ने सीता देवी नामक एक सब्जी बेचनेवाली महिला से 20 रुपए की वसूली की थी. सीता देवी आरोपी के गांव महेशखूंट की रहनेवाली थी. आरोपी ने उसकी साड़ी के पल्लू में बांधकर रखें 20 रुपए जबरन ले लिए. इसी दौरान वहीं पर मौजूद रेलवे स्टेशन के इंचार्ज ने सुरेश प्रसाद सिंह को रंगेहाथों पकड़ लिया. आरोपित सिपाही की जेब से महिला से वली गयी 20 की राशि
भी बरामद कर ली गई थी. इस मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.

बेल बॉंड को रद्द कर चुका है कोर्ट

इस मामले में आरोपी सिपाही सुरेश सिंह जमानत पर था, लेकिन सुनवाई के लिए डेट पर कोर्ट में हाजिर नहीं होने के कारण उसका बेल टूट गया. 1999 से वह फरार चल रहा था जिसके कारण बेल बॉंड को रद्द करते हुए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया. कोर्ट की ओर से कुर्की जब्ती का आदेश देने के बाद भी आरोपित सुरेश प्रसाद सिंह ना हाजिर हुआ ना उसे पुलिस पकड़ सकी. कोर्ट का आदेश नहीं मानने पर उसकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है, जिसे सीधे डीजीपी को भेजा गया है.

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सीधा डीजीपी को भेजा गया पत्र

34 साल पुराने मामले में विशेष निगरानी न्यायाधीश सुदेश श्रीवास्तव ने आदेश पारित किया है. कोर्ट ने बिहार के डीजीपी को फरार आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत मेंपेश करने का ऑर्डर दिया गया है. इस मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच के दौरान पता चला कि आरोपित के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज उसके घर का पता भी नकली है. वह खुद को खगड़िया के महेशखुंट का निवासी बता रहा था, जबकि असलियत कुछ और है. आरोपी सिपाही लखीसराय जिले के बड़हिया अंतर्गत विजय गांव का निवासी है. अब कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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