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एमपीआई से बिहार को होगा फायदा, विशेष राज्य के दर्जा पर वित्त आयोग के अध्यक्ष ने कही ये बात

Updated at : 21 Mar 2025 1:17 PM (IST)
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Finance Commission

Finance Commission

Bihar News: नीतीश सरकार ने 16वें वित्त आयोग के सामने कई मांगों की एक पूरी लिस्ट रख दी. इसमें बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के साथ ही 1 लाख 79 करोड़ रुपये के तात्कालिक अनुदान की मांग की गई. बिहार ने केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में राज्यों का हिस्सा भी बढ़ाने की मांग की है.

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Bihar News: पटना. 16वें वित्त आयोग की 12 सदस्यीय टीम तीन दिवसीय बिहार दौरे पर है. 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में टीम पटना पहुंची थी. आयोग की टीम वित्त आयोग की टीम मधुबनी जाएगी और वहां पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण करेगी. इसके बाद मिथिल हाट में रात्रि विश्राम करेगी. राज्य सरकार ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष पटना में अपनी कई मांगों को रखा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी के साथ अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया एवं अन्य टीम की बैठक हुई. इसकी जानकारी अरविंद पनगढ़िया ने मीडिया को दी.

‘केंद्र को करना है फैसला’

मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद पनगढ़िया ने विशेष राज्य के दर्जे पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि यह यह संविधान संशोधन की बात है, जो केंद्र सरकार के अधीन है. केंद्र सरकार अगर संविधान संशोधन करके करती है, तो इसमें आयोग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. यह आयोग के बस की बात नहीं है. इसके लिए केंद्र सरकार को पार्लियामेंट में लाना होगा और मुझे इस पर उम्मीद पूरी कम दिख रही है.

बिहार को पहले से अधिक फायदा

उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग में आबादी के क्राइटेरिया के हिसाब से जो राज्य का शेयर 10% होता है, वह दिया जाता है. 15वें वित्त आयोग में बिहार को 10% दिया गया था और अभी भी बिहार सरकार ने जो लिस्ट दी है, उसमें भी 10% ही दिया गया है, लेकिन बिहार सरकार ने एक नया क्राइटेरिया दिया है कि मल्टी डाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (एमपीआई) भी यूज किया जाए. अगर यह यूज किया जाता है, तो इसका फायदा बिहार को आबादी से भी ज्यादा होगा. इसलिए करीब 17.5% वर्जन देने के लिए बिहार सरकार ने एमपीआई को रखा है. उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 को आएगी. सभी बिंदुओं को हम लोग देख रहे हैं.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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