बिहार के ग्रामीण एसपी अब हुए और पावरफुल, गृह विभाग का बड़ा फैसला

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सम्राट चौधरी

Bihar Home Department: बिहार सरकार ने 11 जिलों में नियुक्त ग्रामीण एसपी के कार्य क्षेत्र और अधिकार तय कर दिए हैं. गृह विभाग के आदेश के अनुसार अब ग्रामीण एसपी अपने क्षेत्र के थानों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर सकेंगे. इससे ग्रामीण इलाकों में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी.

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Bihar Home Department: बिहार सरकार ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. गृह विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, बिहार के 11 प्रमुख जिलों में ग्रामीण एसपी (SP Rural) के कार्यक्षेत्र और उनके अधिकारों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है. साल 2022 में इन पदों के सृजन के बाद अब जाकर यह तय हुआ है कि कौन सा अनुमंडल और कौन सा थाना किस अधिकारी के अधीन रहेगा. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है.

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क्या बदलाव होगा

इस नई व्यवस्था के तहत गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे बड़े जिलों के ग्रामीण इलाकों के थानों की कमान अब सीधे ग्रामीण एसपी के हाथों में होगी. उदाहरण के लिए, गया के ग्रामीण एसपी अब 33 थानों की निगरानी करेंगे, जबकि रोहतास में 28 और मुजफ्फरपुर में 24 थाने इनके क्षेत्राधिकार में आएंगे. इसी तरह बेतिया, दरभंगा, सारण, बेगूसराय, मुंगेर और सहरसा में भी थानों और अनुमंडलों का स्पष्ट बंटवारा कर दिया गया है, ताकि प्रशासनिक कामों में किसी तरह का भ्रम न रहे.

पहले से ज्यादा पावरफुल

ग्रामीण एसपी को अब पहले से कहीं अधिक पावरफुल बनाया गया है. अब वे न केवल अपने क्षेत्र के थानों का निरीक्षण और अपराध की समीक्षा करेंगे, बल्कि उन्हें अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त अधिकार भी दिए गए हैं. वे अपने अधीन काम करने वाले दारोगा (SI), सिपाही और हवलदार को लापरवाही बरतने पर सीधे सस्पेंड कर सकते हैं. उन्हें सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में हिस्सा लेना होगा और पेट्रोलिंग चार्ट की खुद निगरानी करनी होगी.

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अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी

इस फैसले से जिला एसपी पर काम का बोझ कम होगा, जिससे वे शहरी और जिले के अन्य गंभीर मुद्दों पर अधिक ध्यान दे पाएंगे. ग्रामीण इलाकों के लोगों को अब बड़े पुलिस अधिकारियों तक पहुंच बनाने में आसानी होगी. गृह विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में हुई घटना की जांच में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी.

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