बिहार के हर जिले में बनेगी हाईटेक नर्सरी, अब तैयार होंगे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और विदेशी फूलों के पौधे

Updated:
विज्ञापन
bihar nursery news

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार अब सभी जिलों में हाईटेक सरकारी नर्सरियां विकसित करेगी. यहां किसानों को ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और विदेशी फूलों समेत उन्नत किस्म के पौधे मिलेंगे, जिससे बागवानी और किसानों की आमदनी दोनों बढ़ेंगी.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार सरकार अब राज्य में सरकारी नर्सरियों को आधुनिक बनाने की तैयारी में जुट गई है. किसानों को बेहतर पौधे, नई तकनीक और रोजगार के अवसर देने के लिए सभी जिलों में ‘प्रोजनीबाग नर्सरी’ विकसित की जाएगी. सरकार का उद्देश्य किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले, रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे उपलब्ध कराना है, ताकि बागवानी को बढ़ावा मिले और किसानों की कमाई बढ़ सके.

हर जिले में विकसित होगी प्रोजनीबाग नर्सरी

उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग के निदेशक सह मिशन निदेशक अभिषेक कुमार ने सभी जिलों के डीएम और डीडीसी को पत्र भेजकर नर्सरी निर्माण के लिए कम से कम 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा है. सरकार चाहती है कि इन नर्सरियों को आधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाए.

नर्सरी में मिलेगी आधुनिक तकनीक

इन हाईटेक नर्सरियों में किसानों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इनमें शेड नेट, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिस्टम और उन्नत सिंचाई तकनीक जैसी व्यवस्थाएं शामिल रहेंगी. सरकार का मानना है कि इससे पौधों की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी भी मिलेगी.

किसानों को मिलेगा रोजगार और कमाई का मौका

कृषि विभाग के अनुसार, अभी कई जिलों में अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों की कमी है. ऐसे में नई नर्सरियों से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर पौधे तैयार किए जाएंगे. इससे किसानों को कम कीमत पर अच्छी पौध सामग्री मिलेगी. साथ ही गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

जिला परिषद की जमीन को मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने जमीन चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. सबसे पहले जिला परिषद की जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी. अगर वहां जमीन उपलब्ध नहीं हुई, तो दूसरे विकल्प तलाशे जाएंगे. विभाग ने सभी जिलों से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है.

ड्रैगन फ्रूट और विदेशी फूलों की भी होगी खेती

इन नर्सरियों में सिर्फ आम और लीची जैसे पारंपरिक फल ही नहीं, बल्कि आधुनिक और महंगे पौधे भी तैयार किए जाएंगे. इनमें शामिल हैं ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, औषधीय पौधे और विदेशी फूलों की किस्में. किसानों को इनकी खेती का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे खुद भी ऐसे पौधे लगाकर अच्छी कमाई कर सकें.

बागवानी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि प्रोजनीबाग नर्सरी एक विशेष प्रकार का मातृ-वृक्ष उद्यान होता है, जहां से अच्छी नस्ल के पौधे तैयार किए जाते हैं. इस पहल से बिहार में बागवानी को नया बढ़ावा मिलेगा और किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों से भी बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे.

Also Read: जीतन राम मांझी को धमकी देने वालों पर सख्त हुए IG विकास वैभव, केस दर्ज कर कार्रवाई के आदेश

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन