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Flood In Bihar: अब हरदा और मोरवा नदी ने किया रौद्र रूप धारण, बिहार-नेपाल के तराई भागों में बाढ़ की तबाही

Updated at : 12 Jul 2021 5:05 PM (IST)
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Flood In Bihar: अब हरदा और मोरवा नदी ने किया रौद्र रूप धारण, बिहार-नेपाल के तराई भागों में बाढ़ की तबाही

flood in bihar: नेपाल की तराई से निकल कर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली हरदी व मरहा नदी गत वर्षों की तरह इस बार भी क्षेत्र में ताबही मचाई है. हालांकि यह नई बात नहीं है. गत वर्ष भी क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था, पर विभागीय अधिकारी व कर्मी बाढ़ के समय राशि की लूट कर लेने के बाद फिर से कान में रुई डाल कर सो जाते है

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नेपाल की तराई से निकल कर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली हरदी व मरहा नदी गत वर्षों की तरह इस बार भी क्षेत्र में ताबही मचाई है. हालांकि यह नई बात नहीं है. गत वर्ष भी क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था, पर विभागीय अधिकारी व कर्मी बाढ़ के समय राशि की लूट कर लेने के बाद फिर से कान में रुई डाल कर सो जाते है

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व अगर इसका ठोस निराकरण किया जाता तो शायद बाढ़ के समय क्षेत्र के किसानों के हजारों एकड़ भूमि में लगी फसल व अन्य तबाही का सामना नहीं करना पड़ता. विगत कई बार से नदी की धारा में परिवर्तन हो गया है, जिसके चलते लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गई है. स्थानीय मुखिया आमना खातुन ने बताया कि नदी की धारा बदलने के कारण सभी तरह के विकास कार्य प्रभावित हो जाते हैं.

गत दिन निरीक्षण के क्रम में आये जिला प्रभारी मंत्री जमा खान द्वारा बागमती परियोजना के कार्यपालक अभियंता को आदेश दिया था कि गांव की ओर घुमी हुई धारा को मोड़ कर मुख्य धारा में जोड़वाया जाये, पर अब तक विभागीय अधिकारी व कर्मियों द्वारा धरातल पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है. मोबाइल पर कॉल करने पर रिसीव नहीं किया जाता है. कभी-कभार रिसीव कर भी लेते हैं तो आश्वान दिया जाता है कि कल से हीं कार्य शुरु करवाया जायेगा, पर अब तक ऐसा कुछ नहीं देखा जा रहा है.

नदी के तांडव से ग्रामीणों में भय का माहौल- इधर, नदी के पानी के तांडव से ग्रामीणों में भय का माहौल कायम है. बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व प्रखंड के रामनैका, नोनाही व महुआवा समेत अन्य कई गांव मे बाढ़ के पानी ने तांडब मचाया था. साथ हीं नदी का एक धार गांव की ओर मुड़ गया, उसी समय अगर विभाग मुश्तैद होती तो कम खर्च में समस्या का समाधान संभव था, पर ऐसा कुछ नहीं किया गया. अब धीरे-धीरे स्थिति भयावह हो गई है. अब नदी में जलस्तर बढ़ते हीं पानी अधगाई, इंदरवा, परसा, एकडंडी समेत दर्जनों गांवों को अपने लपेटे मे लेकर तबाही मचाता है. इस बात उक्त गांवों के अलावा लहुरीया, बारा, खुरशाहा व खुद्दीबखारी समेत दर्जनों गांव के हजारों परिवार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे है.

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कई टोला व मोहल्ला अब भी चारो तरफ से पानी से घिरा हुआ है. ऐसे लोग दूसरों के घर में तो ऊंचे स्थानों पर शरण लेकर अपना काम चला रहे हैं. हालांकि ग्रामीण ने खुद के सहयोग से बांध बाध का नदी की धार को मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास शुरु किया, पर सफलता नहीं मिल पाई. कारण कि पानी की तेज धार ने मेहनत पर पानी फेर दिया. इस बाबत सीओ प्रभात कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से संबंधित पंचायत के जनप्रतिनिधि को प्लास्टिक उपलब्ध कराया गया है. अन्य सुविधा आने पर लोगों को उसका लाभ दिया जायेगा.

शुरु कराया गया है कार्य– जिला प्रभारी मंत्री के आदेशानुसार, मरहा नदी की उपधारा को गांव की ओर से मोड़ कर मुख्य धारा में जोड़ने को लेकर बारा गांव के समीप कार्य शुरू कराया गया है. जल्द हीं कार्य पूरा करा लिया जायेगा.

अहमद जमील, कार्यपालक अभियंता, बागमती परियोजना

Posted By : Avinish Kumar Mishra

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