Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीन की फर्जी जमाबंदी सिर्फ 45 दिनों में होगी रद्द, गड़बड़ी करने पर CO भी नपेंगे, जानिए पूरी प्रक्रिया

Updated at : 18 Jan 2026 9:03 AM (IST)
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Bihar Bhumi Illegal mortgage of government land

बिहार में सरकारी जमीन की फर्जी जमाबंदी 45 दिनों में होगी रद्द (एआई फोटो)

Bihar Bhumi: बिहार की सरकारी जमीन पर अवैध जमाबंदी 45 दिनों में रद्द की जाएगी. इतना ही नहीं, गड़बड़ी करने वाले पर कार्रवाई भी की जाएगी. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी एडीएम को आदेश जारी किया है.

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Bihar Bhumi: बिहार की सरकारी जमीन पर फर्जी जमाबंदी के मामले लगातार सामने आ रहे थे, जिसके बाद अब बड़ा आदेश जारी कर दिया गया है. दरअसल, अब सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी सिर्फ 45 दिनों में ही रद्द कर दी जाएगी. इसके साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. इसे लेकर सभी जिलों के एडीएम को आदेश जारी किया गया है कि जांच के बाद राजस्व न्यायालय में चर्चा की जाए.

उनसे कहा गया है कि वे सरकारी जमीन का आउटपुट गलत, संदिग्ध या अवैध जमाबंदी को रद्द करने की पहल करेंगे. यह काम वे अपने सुओ-मोटो या फिर लोअर लाइन के राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट या अन्य आवेदक से सूचना मिलने पर जांच के बाद कर सकते हैं. यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने राज्य के सभी एडीएम को दिया है.

गड़बड़ी पर सीओ पर भी होगी कार्रवाई

3 जून, 1974 से अंचल अधिकारी अपने अंचल की सरकारी जमीन के लिए कलेक्टर घोषित हैं. अगर उनके कार्यकाल में सरकारी जमीन का अवैध हस्तांतरण जांच के बाद पाया जाता है, तो उन पर अनुशासनिक कार्रवाई होगी. अगर उनके कार्यकाल में सरकारी जमीन का निजी व्यक्तियों के जमाबंदी खोलने और दाखिल-खारिज पाया जायेगा तो भी उन पर कार्रवाई होगी.

45 दिनों में क्या कुछ होगा?

फर्जी जमाबंदी की पहचान और उसे रद्द करने की पूरी प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा 45 दिनों में खत्म कर ली जायेगी. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जांच से संतुष्ट होने के बाद एडीएम सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी को रद्द करने की प्रक्रिया आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से शुरू करेंगे. मामले पर चर्चा के लिए आवेदन के तीन दिन के अंदर सूचना जारी की जायेगी.

इसके बाद सुनवाई शुरू होगी और यह सुनवाई 15 दिनों में ज्यादा से ज्यादा तीन बार होगी. सुनवाई के बाद लिखित स्टेटमेंट सात दिनों के अंदर दिया जायेगा. आदेश जारी कर आरसीएमएस पोर्टल पर इसे अपलोड किया जायेगा. यह पूरी प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा 45 दिन में समाप्त होगी.

इन जमीनों के लिए सरकार का एक्शन प्लान तैयार

  1. सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम की जमीन
  2. खास महाल की जमीन (सरकार के ओनरशिप वाली जमीन), जिसकी बंदोबस्ती नहीं हुई
  3. धार्मिक न्यास बोर्ड या फिर किसी मान्यता मिली हुई ट्रस्ट की जमीन
  4. गैर मजरुआ आम जमीन
  5. नगर निगम, नगर पंचायत, जिला परिषद और ग्राम पंचायत की जमीन
  6. फर्जी जमाबंदी वाले गौशाला और केंद्र सरकार की जमीन
  7. कैसर-ए-हिंद की जमीन (ऐसी जमीन जो सरकारी जमीन होती है और ब्रिटिश राज के दौरान ‘क्राउन’ यानी ब्रिटिश ताज की संपत्ति मानी जाती थी. लेकिन देश की आजादी के बाद केंद्र या राज्य सरकार की संपत्ति बन गई).

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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