1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. after america this work is being done in bihar know what is the atlas of water bodies gazetteer asj

अमेरिका के बाद बिहार में हो रहा यह काम, जानिये क्या है एटलस ऑफ वाटर बॉडीज गजेटियर

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सांकेतिक
सांकेतिक
फाइल

पटना. बिहार के दो लाख से अधिक नदी, नहर, पोखर, तालाब, आहर और पइन का विस्तृत और प्रामाणिक ब्योरा जल्द ही उपलब्ध हो जायेगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जल निकायों की मैपिंग के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है. अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले आठ जिलों के मैप को मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा है.

पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज की अंतरराष्ट्रीय सीमा की जांच की जानी है. उत्तर बिहार के अन्य जिलों के जल निकायों की मैपिंग पूरी हो गयी है. यह कवायद गजेटियर कम एटलस ऑफ वाटर बॉडीज ऑफ बिहार के प्रकाशन को लेकर की जा रही है.

सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक ब्योरा भी होगा

एजेंसी के एक पदाधिकारी का कहना था कि उत्तर बिहार के जिलों का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही दक्षिण बिहार के जिलों का काम शुरू होगा. गजेटियर कम एटलस 200- 250 पेज की एक पुस्तक होगी. इसमें बिहार के सभी जिलों के जल निकायों के अलावा उस जिले के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक जीवन का विस्तृत ब्योरा रहेगा.

इस महीने के अंत तक मिथिला इलाके का तैयार हो जायेगा मानचित्र

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एटलस के निर्माण के लिए जरूरी सूचनाओं को विभिन्न विभागों से एकत्रित कर संबंधित एजेंसी स्टडी टुडे पब्लिकेशन को सौंप दिया गया है. विभाग ने सूचित किया कि जल निकायों के मानचित्रों के साथ उस जिले का इतिहास, पुरातत्व, जलवायु, कृषि, उद्योग, पर्यटन आदि विषयों से संबंधित प्रारूप के तौर पर दरभंगा जिले के विवरण को एकत्रित कर विभाग को सौंपा गया है. इस महीने के अंत तक मिथिला इलाके समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों के मानचित्र और विवरण को तैयार करने का लक्ष्य है. ग्रामीण विकास विभाग और जल संसाधन विभाग भी इस परियोजना में शामिल हैं.

अमेरिका के बाद बिहार में हो रहा यह काम : विवेक

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पोखर व तालाब का ब्योरा ग्रामीण विकास विभाग और नदी व नहर का ब्योरा जल संसाधन विकास विभाग ने उपलब्ध कराया है. भारत दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरा ऐसा देश है, जो अपने वाटर बॉडीज का एटलस तैयार कर रहा है.

भारत में भी यह काम सिर्फ बिहार सरकार द्वारा किया जा रहा है. इसके पीछे अपने जल संसाधनों का पता करके उनके संरक्षण की योजना है. इस डाटा से आपदा प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, भू -जल स्तर को बरकरार रखने, पुरातात्विक स्थलों की खुदाई, पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

Posted by Ashish Jha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें