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बिहार में कॉमन स्कूल सिस्टम बनना चाहिए : दीपंकर

Updated at : 26 May 2025 12:28 AM (IST)
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बिहार में कॉमन स्कूल सिस्टम बनना चाहिए : दीपंकर

भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार में कॉमन स्कूल सिस्टम बनना चाहिए. हमें केंद्र की नयी शिक्षा नीति मान्य नहीं है.

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‘बिहार नीति विमर्श’ संवाद संवाददाता,पटना भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार में कॉमन स्कूल सिस्टम बनना चाहिए. हमें केंद्र की नयी शिक्षा नीति मान्य नहीं है. हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर हैं, जो बिहार की जरूरत के अनुरूप हो. विधानसभा के आगामी चुनाव में महागठबंधन अपने चुनावी घोषणा पत्र में राज्य केंद्रित बिहार शिक्षा नीति का प्रस्ताव लाया जायेगा. दीपांकर ने यह बातें रविवार को एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान में आयोजित ‘बिहार नीति विमर्श’ संवाद कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक सत्र में कहीं. उन्होंने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का खर्च बिहार नहीं उठा सकता है. कर्नाटक ने खुद की नयी शिक्षा नीति बनायी : एमसी सुधाकर: कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ एमसी सुधाकर ने कहा कि बिहार को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से सतर्क हो जाना चाहिए. उसे अपने प्रदेश के हितों के अनुकूल शिक्षा नीति खुद तय करनी चाहिए. शिक्षा को राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की भेंट चढ़ाने की जरूरत नहीं है. कर्नाटक ने खुद की नयी शिक्षा नीति बनाकर इस मामले में मिसाल कायम की है. बिहार को स्थानीय जरूरत के हिसाब से शिक्षा नीति बनानी चाहिए. नयी शिक्षा नीति को लेकर राजनीतिक आत्ममंथन हो: प्रवीण झा : अर्थशास्त्री प्रो प्रवीण झा ने कहा कि नयी शिक्षा नीति को लेकर राजनीतिक आत्ममंथन करने की जरूरत है. इस पर बहस करने की जरूरत है. इससे पहले प्रो मनीषा प्रियम ने कहा कि बिहार की शिक्षा में ज्ञान को समाहित करना चाहिए. सिर्फ बड़ी बिल्डिंग बना देने से काम नहीं चलेगा. डॉ विद्यार्थी विकास ने कहा कि नयी शिक्षा नीति जुमलों का गुच्छा है. इसके जरिये बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दी जा सकती है. नयी शिक्षा नीति को लेकर दलीय विमर्श करने की जरूरत: सुधाकर सिंह : सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में नयी शिक्षा नीति को लेकर दलीय विमर्श करने की जरूरत है. पढ़ाई का शुल्क बढ़ता जा रहा है. ऐसा ही हाल रहा तो उच्च शिक्षा बिहार के सामान्य परिवारों पहुंच से दूर हो जायेगी. इस दौरान विधायक शकील अहमद खान और प्रोफेसर सुबोध मेहता ने भी संबोधित किया. राष्ट्रीय शिक्षा नीति बिहार के परिवेश के अनुकूल नहीं : प्रभात पटनायक : इससे पहले हुए अकादमिक सत्र को संबोधित करते हुए दुनिया के जाने माने अर्थशास्त्री प्रो प्रभात पटनायक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति बिहार के परिवेश के अनुकूल नहीं है. लिहाजा इसमें बुनियादी संशोधन की जरूरत है. बिहार की अर्थव्यवस्था कमजोर है. वह इसका खर्च नहीं उठा पायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By RAKESH RANJAN

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