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बजट सत्र : मोहनिया-आरा पथ फिर से केंद्र को लौटा दिया जायेगा

Updated at : 24 Mar 2017 7:20 AM (IST)
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बजट सत्र : मोहनिया-आरा पथ फिर से केंद्र को लौटा दिया जायेगा

पटना : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने विधानसभा में कहा कि आरा-मोहनिया राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) को फिर से केंद्र सरकार को लौटा दिया जायेगा. इसको लेकर ट्रिब्यूनल में शुक्रवार को सुनवाई है. इस पथ के निर्माण के लिए जिस ठेकेदार के साथ एग्रीमेंट किया गया था उसने बीच में ही काम छोड़ दिया. इसके […]

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पटना : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने विधानसभा में कहा कि आरा-मोहनिया राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) को फिर से केंद्र सरकार को लौटा दिया जायेगा. इसको लेकर ट्रिब्यूनल में शुक्रवार को सुनवाई है. इस पथ के निर्माण के लिए जिस ठेकेदार के साथ एग्रीमेंट किया गया था उसने बीच में ही काम छोड़ दिया. इसके बाद केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात की.
राज्य सरकार इस सड़क को केंद्र सरकार को लौटाने की तैयारी कर रही है. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव गुरुवार को विधानसभा में वशिष्ठ सिंह के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब दे रहे थे. सिंह ने पूछा था कि राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 30 की स्थिति जर्जर है. इस सड़क पर हर दिन दुर्घटनाएं होती है. यह पथ जीटी रोड को जोड़ती है. पटना से वाराणसी के लिए यह लाइफ लाइन है. जवाब में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एनएच 30 को पहले फोर लेन में चौड़ीकरण के एकरारनामा एजेंसी से की गयी थी. काम नहीं करने के कारण एजेंसी को टर्मिनेट कर दिया गया.
बंद पड़े 370 नलकूप चालू : लघु जल संसाधन मंत्री तेज प्रताप ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में बंद पड़े 554 नलकूप में 370 नलकूप को चालू किया गया है. शेष को चालू किये जाने का काम हो रहा है. चालू वित्तीय वर्ष में 554 नलकूप को चालू करने के लिए आठ करोड़ 81 लाख खर्च होंगे. सात जिले में बंद पड़े नलकूप को चालू करने का काम हो रहा है. मंगल पांडेय के तारांकित सवाल का मंत्री जवाब दे रहे थे.
मामला पटना हाइकोर्ट होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक गया. वहां से फिर मामला ट्रिब्यूनल में चल रहा है. ट्रिब्यूनल के फैसले आने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. राज्य सरकार इस सड़क को केंद्र को लौटाना चाहती है जिससे इसकी अविलंब मरम्मत और निर्माण हो सके.
कृषि मंत्री राम विचार राय ने बताया कि राज्य में किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए लाइसेंसराज को समाप्त कर दिया गया है. राज्य के किसी भी कोने के किसान कहीं भी अपने उपज की बिक्री कर सकते हैं. पहले से लागू प्रावधान को 2006 से ही समाप्त कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस शर्त पर राजी हो जाये तो राज्य में इ-मार्केटिंग की व्यवस्था की जा सकती है. कृषि मंत्री राय गुरुवार को विधानसभा में भाजपा नेता नंद किशोर यादव के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे. उनका सवाल था कि केंद्र सरकार के नीति आयोग द्वारा विगत वर्ष राज्य के बाजारों को इ-मार्केटिंग से जोड़ने के लिए सभी राज्य सरकारों को दो-दो पत्र लिखा था.
महादलितों पर उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर सरकार प्रयासरत : एससी-एसटी कल्याण मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि दलितों-महादलितों पर उत्पीड़न की रोकथाम के लिए सरकार प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि 2015 में उत्पीड़न से संबंधित 6372 मामले दर्ज किये गये. सहरसा में दिलतों के घर जलाने के मामले में एफआइआर दर्ज करते हुए दो को न्यायिक हिरासत में रखा गया है. पूरे राज्य में 40 एससी-एसटी थाना कार्यरत है.
मंत्री के जवाब के दौरान भाजपा सदस्य टुन्नाजी पांडेय ने हाजीपुर में एससी बालिका के साथ हुए दुष्कर्म का मामला उठाया. इस पर जदयू सदस्य संजय सिंह ने कहा कि एनडीए के विधायक वहां जाकर क्या-क्या बोले. इस पर दोनों के बीच नोंक-झोंक हुई. दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे. व्यक्तिगत आक्षेप भी लगाये गये. बाद में सभापति ने दोनों के वक्तव्यों को कार्यवाही से निकाल दिया.
साथ ही प्रति बाजार 30 लाख देने का अश्वासन दिया था. राज्य सरकार द्वारा बाजारों को इ-मार्केटिंग से जोड़ने के लिए अभी तक न तो कोई कानून बनाया और नहीं कोई व्यवस्था बनायी है.
कृषि मंत्री द्वारा राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि पदाधिकारियों को टीम भेजकर केंद्र के पदाधिकारियों से वार्ता करे. जो समस्याएं हैं उसको सुलझायी जा सके. इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि पहले केंद्र सरकार बिना लाइसेंस की बात को स्वीकार करे. व्यवस्था लागू होती है तो फिर से लाइसेंस राज में जाना होगा.
सरकार लाइसेंस राज में नहीं जाना चाहती है. इ-मार्केटिंग को लागू करने से पूर्व के नियम प्रभावित होंगे. अभी तो किशनगंज का किसान अपना समान गया के किसी व्यापारी से बेच सकता है. इसके लिए किसी तरह के लाइसेंस का प्रावधान नहीं है.
पटना : उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बियाडा की विवादित जमीन का आवंटन किया जायेगा. विवाद मुक्त भूमि का आवंटन प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी द्वारा निर्णय लिया जाता है. उन्होंने कहा कि बियाडा द्वारा भू आवंटन के आवेदन के लिए वेबसाइट पर औद्योगिक क्षेत्रवार दो प्रकार की सूची दी गयी है. पहली सूची में वैसे प्लाट हैं जो पूरी तरह से खाली हैं. दूसरी सूची में वैसे प्लाट रखे गये हैं जो बियाडा द्वारा पूर्व में रद्द किये गये हैं.
इस तरह के प्लाट पर मुकदमा दायर है, लेकिन स्थगनादेश प्राप्त नहीं है. बियाडा द्वारा मामलों का सही स्थिति ही वेबसाइट पर दर्शायी गयी है. उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह विधानसभा में संजीव चौरसिया, अवधेश सिंह और जिवेश कुमार के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब दे रहे थे. उनका ध्यानाकर्षण था कि बियाडा द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भू आवंटन के लिए चार-पांच फरवरी 2017 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. इसमें बियाडा द्वारा न्यायालय में लंबित विवादित प्लाटों का भू आवंटन रद्द कर दिया गया है.
अस्पतालों में दवा की कमी, विपक्ष पहुंचा वेल : विधान परिषद में अस्पतालों में दवा की कमी व मरीजों को होनेवाली परेशानी को लेकर विपक्ष ने कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया. सभापति अवधेश कुमार सिंह कार्य स्थगन प्रस्ताव अस्वीकृत करने पर विपक्ष वेल में पहुंच कर हंगामा किया. सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे लगाये. इससे लगभग पंद्रह मिनट सदन की कार्यवाही बाधित हुई. रजनीश कुमार ने कार्य स्थगन प्रस्ताव में कहा कि 2014 में स्वास्थ्य विभाग में दवा घोटाला उजागर होने के बाद दवा खरीद बंद कर दी गयी.
सरकार ने अस्पतालों में सिविल सर्जन व अधीक्षकों को दवा खरीद करने के लिए अधिकृत किया. लेकिन दवा की खरीदारी नहीं हुई.होने से पीएमसीएच सहित सभी मेडकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों में दवा की भारी कमी है. नेता प्रतिपक्ष सुशील मोदी ने कहा कि बिहार स्वास्थ्य सेवा व आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा दवा की खरीद नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बैंडेज, कॉटन भी उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाहर से खरीद कर लाना पड़ रहा है.
दो युवकों का मामला शून्यकाल में उठा
पटना. विधान परिषद में शून्यकाल में पुलिस हिरासत में आठ घंटे रखे गये युवक नेमी कुमार व सुरेश शर्मा का मामला उठा. देवेशचंद्र ठाकुर व विनोद नारायण झा ने मामला उठाते हुए कहा कि दो युवकों को बेवजह आठ घंटे तक रख कर उसे प्रताड़ित किया गया. उसे न तो पानी, न खाना दिया गया. हिरासत में रखे जाने से उसके परिजन परेशान रहे. विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए. ज्ञात हो कि मंगलवार को स्टार्टअप कार्यक्रम में दोनों युवक सीएम के भाषण के क्रम में बीच में उठकर बोलने लगे थे. इसके बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में रखा था.
घाटा अनुदान का मामला उठा
शून्यकाल में डा दिलीप कुमार चौधरी, संजीव कुमार सिंह व प्रो नवल किशोर यादव ने वित्त रहित विद्यालयों व महाविद्यालयों में घाटा अनुदान का मामला उठाया. सदस्यों ने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस पर वक्तव्य देना चाहिए.
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