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बिहार में शराबबंदी कानून की कमियों को उजागर करते हुए सुशील मोदी ने सीएम नीतीश से पूछे ये सवाल

Updated at : 11 Jan 2017 10:43 PM (IST)
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बिहार में शराबबंदी कानून की कमियों को उजागर करते हुए सुशील मोदी ने सीएम नीतीश से पूछे ये सवाल

पटना : शराबबंदी के पक्ष में संकल्प दोहराने के लिए आगामी 21 जनवरी को मानव श्रृंखला में शामिल होने की घोषणा के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शराबबंदी कानून की कमियों को उजागर करते हुए बिहार की नीतीश कुमार सरकार से क्या 21 जनवरी के पूर्व शराबबंदी के […]

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पटना : शराबबंदी के पक्ष में संकल्प दोहराने के लिए आगामी 21 जनवरी को मानव श्रृंखला में शामिल होने की घोषणा के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शराबबंदी कानून की कमियों को उजागर करते हुए बिहार की नीतीश कुमार सरकार से क्या 21 जनवरी के पूर्व शराबबंदी के कड़े प्रावधानों को वापस लिया जाएगा.

सुशील मोदी ने आज यहां एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूछा है कि नीतीश सरकार से कहा है कि बिहार की जनता से पूछ रही है कि यहां पूर्ण शराबबंदी लागू है तो शराब की फैक्ट्रियां क्यों चल रही है? करमुक्त शराब का उत्पादन क्यों जारी है? उन्होंने पूछा है कि प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद प्रतिदिन हजारों लीटर शराब क्यों पकड़ी जा रही है? शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों है कि वे पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं?

भाजपा नेता ने पूछा है कि क्या 21 जनवरी से पहले सरकार चल रही शराब फैक्ट्रियों को बंद करने की घोषणा करेगी? सरकार बताये कि शराबबंदी के ‘तालिबानी’ कानून में संशोधन के लिए बुलायीगयी सर्वदलीय बैठक में जो राय आयी थी, एक महीना से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद उन पर कौन सी कार्रवाई हुई है?

बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील ने कहा कि जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी है तो यहां की तीन बीयर व 12 विदेशी शराब फैक्ट्रियों के आज तक चलने का क्या औचित्य है? इन फैक्ट्रियों को निर्यात शुल्क व बॉटलिंग फीस में छूट देकर सस्ती शराब के उत्पादन को बढावा क्यों दिया जा रहा है? उन्होंने पूछा है कि शराब उद्योग की अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण और यहां से शराब तैयार कर दूसरे राज्य में भेजने का क्या औचित्य है? शराब के कारोबार को अनैतिक बताने वाले मुख्यमंत्री बिहार में शराब निर्माण को पूरी तरह से प्रतिबंधित क्यों नहीं कर रहे हैं?

सुशीलमोदी ने पूछा कि पूरे गांव पर सामूहिक जुर्माना, परिवार की सभी व्यस्क सदस्यों को जेल, शराब की खाली बोतल मिलने पर भी परिसर को जब्त करने जैसे सजा के कठोर ‘तालिबानी’ प्रावधानों के बावजूद सरकार 30 प्रतिशत शराबबंदी भी क्यों नहीं लागू करा पाई है? क्या 21 जनवरी से पहले सरकार शराबबंदी कानून के कतिपय तालिबानी प्रावधानों को वापस लेने की घोषणा करेगी?

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