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सुरक्षा को खतरे में डालने वाले चैनल पर कार्रवाई जायज : मोदी

Updated at : 08 Nov 2016 6:57 AM (IST)
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सुरक्षा को खतरे में डालने वाले चैनल पर कार्रवाई जायज : मोदी

पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद व नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नीतीश-लालू की सरकार को एनडीटीवी के खिलाफ सांकेतिक कार्रवाई में फासीवाद की बू आ रही है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि विपक्षी नेताओं पर मानहानि का मुकदमा करने वाली […]

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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद व नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नीतीश-लालू की सरकार को एनडीटीवी के खिलाफ सांकेतिक कार्रवाई में फासीवाद की बू आ रही है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि विपक्षी नेताओं पर मानहानि का मुकदमा करने वाली सरकार किस मुंह से लोकतंत्र की दुहाई दे रही है.
उन्होंने एनडीटीवी को एक दिन के लिए बंद करने की कार्रवाई का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपातकाल में तत्कालीन केंद्र सरकार का विरोध करने के कारण जयप्रकाश नारायण सहित 1 लाख लोगों को 19 महीने जेल में बंद कराने वाली कांग्रेस के साथ मिलकर बिहार में सरकार चला रहे हैं, वे प्रेस की आजादी के लिए लड़ने वालों को नसीहत दे रहे हैं.
हाल के दिनों में राज्य के 11 जिलों में सांप्रदायिक तनाव के दौरान कई दिनों तक इंटरनेट व फेसबुक पर लगा प्रतिबंध क्या अभिव्यक्ति की आजादी का हनन नहीं था. दशहरा के समय पूजा पंडालों में राजनेताओं पर व्यंग्य करने वाले कार्टून प्रदर्शित करने की परंपरा क्यों बंद कर दी गयी. क्या सांप्रदायिक या जातीय तनाव आतंकी हमले और युद्ध की स्थिति में मीडिया से जिम्मेवार रिपोर्टिंग की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि सांकेतिक प्रतिबंध केंद्र सरकार की नीति या किसी नेता की आलोचना के कारण नहीं बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने वाली रिपोर्टिंग के कारण लगाया गया है.
प्रेस की आजादी कौन छीन रहा, यह दुनिया देख रही : संजय सिंह
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी अपने बयान के जरिये लगातार हल्के होते जा रहे हैं. नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने राजनैतिक परिस्थितियों के मुताबिक आपातकाल का विरोध किया था. दोनों नेताओं ने बिहार में प्रेस बिल का भी विरोध किया था. प्रेस की आजादी कौन छिन रहा है यह तो अब सारी दुनिया देख रही है. एक समाचार चैनल पर प्रतिबंध लगने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है. सुशील मोदी सिर्फ केंद्र और केंद्रीय नेताओं के पपेट बन कर रह गये हैं.
सिंह ने कहा कि सुशील मोदी के बयान उनके ही भाजपा शासित राज्यों के लिए विरोधाभास पैदा कर रहे हैं.
गुजरात में इंटरनेट , सोशल मीडिया के साथ-साथ कई महीनों तक कई समाचार चैनलों पर पाबंदी रहती है. गुजरात तो दूर है बगल के राज्य झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के भी कई जिलों में इंटरनेट की सेवा बंद कर जाती है. उन्होंने कहा कि बिहार में प्रशासनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ जिलों में इंटरनेट को बाधित किया गया था. ताकि किसी तरह की कोई अफवाह ना फैलाये.
लेकिन, सुशील मोदी को इसमें भी अपनी राजनीति दिख रही है जबकि ये फैसला सुरक्षा के लिहाज से लिया जाता है. सिंह ने कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार की पुलिस है. लेकिन, उन छात्रों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया जो जेएनयू में देश विरोधी नारे लगा रहे थे. सुशील मोदी जी, देश की सुरक्षा और संप्रभुता के सवाल पर सभी को एक होना चाहिए और किसी को कोई सवाल नही उठाना चाहिए.
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