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लालू व नीतीश ने अति पिछड़ों को छला : मोदी

Updated at : 07 Sep 2015 7:47 AM (IST)
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लालू व नीतीश ने अति पिछड़ों को छला : मोदी

पटना. भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अति पिछड़ी जातियों के साथ छल करने वाले नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के लिए बिहार का निषाद समाज हमेशा ‘फुटबॉल’ की तरह रहा है, जिसे चुनावी लाभ के लिए कभी इधर तो कभी उधर ‘किक’ मारा गया है. नौ […]

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पटना. भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अति पिछड़ी जातियों के साथ छल करने वाले नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के लिए बिहार का निषाद समाज हमेशा ‘फुटबॉल’ की तरह रहा है, जिसे चुनावी लाभ के लिए कभी इधर तो कभी उधर ‘किक’ मारा गया है. नौ साल पहले जिस प्रकार राबड़ी देवी ने निषादों को ठगा था ठीक उसी प्रकार एक बार फिर नीतीश कुमार ने भी छलने का काम किया है. नीतीष कुमार ने निषादों को आदिवासी में शामिल करने की अनुशंसा कर इन्हें अब तक मिल रहे आरक्षण के लाभ से भी वंचित करने की साजिश की है.

श्री मोदी के बातों से सांसद अजय निषाद व विधायक तथा पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणी देवी ने भी सहमति जतायी है. भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव के ऐन मौके पर निषादों पर लाठी बरसाने और उनके अधिकारों को कुचलने वाले नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक में ठीक उसी प्रकार उन्हें अजजा में शामिल करने की अनुशंसा का निर्णय लिया है जिस प्रकार राबड़ी देवी ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक में 2 नवम्बर, 2004 को नोनिया, बिंद, मल्लाह, कमार (लोहार और कर्मकार), बढ़ई, तुरहा, राजभर, चन्द्रवंषी (कहार, कमकर) को अनुसूचित जाति में अधिसूचित करने की अनुशंसा का निर्णय लिया था.

नेताओन ने कहा कि दस साल तक केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रही, नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहे मगर इन तमाम जातियों को अजा में शामिल कराने की कोई पहल नहीं हुई. आशचर्य तो यह है कि तीन महीनेे पहले 8 जून को आधी-अधूरी रिपोर्ट के साथ जिन मल्लाहों को नीतीश कुमार दलित का दर्जा देने की अनुशंसा करते हैं उन्हीं को अब आदिवासी बनाने का प्रस्ताव कर रहे हैं.
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