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530 अंक वाले को मिल सकता है सरकारी मेडिकल कॉलेज

Updated at : 19 Jun 2025 7:11 PM (IST)
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530 अंक वाले को मिल सकता है सरकारी मेडिकल कॉलेज

सीटों की उपलब्धता और कटऑफ ट्रेंड के चलते कम अंक लाने वाले छात्रों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद बंधी है

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संवाददाता, पटनानीट यूजी 2025 के नतीजों ने इस बार चौंकाया है. एक ओर जहां टॉप स्कोर में गिरावट देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर सीटों की उपलब्धता और कटऑफ ट्रेंड के चलते कम अंक लाने वाले छात्रों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद बंधी है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर दाखिला 530 अंक तक पहुंच सकता है. पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा 100 अंकों तक नीचे जा सकता है. इसका मुख्य कारण है – इस बार टॉप स्कोर न 700 पार कर पाया, न ही 690 के पास पहुंचा. टॉपर को मात्र 686 अंक मिले हैं. इससे मेरिट लिस्ट का औसत स्तर नीचे गया है, जिसका लाभ मिड-रेंज स्कोर करने वाले छात्रों को मिलेगा. राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी महेश कोटवानी ने 720 में से 686 अंक प्राप्त कर टॉप किया. 2016 में भी टॉपर को 685 अंक मिले थे. 2017 से 2024 तक हर साल कोई न कोई छात्र 700 या उससे अधिक अंक लाता रहा है, लेकिन 2025 में यह रुझान टूटा है.

राज्यों का प्रदर्शन

इस साल टॉप-100 में सबसे ज्यादा 14 छात्र राजस्थान से हैं, दिल्ली से 15 और महाराष्ट्र से 12. लेकिन बिहार और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों से इस बार टॉप-100 में एक भी छात्र नहीं है. हालांकि 2024 में बिहार से सात और झारखंड से दो छात्र थे. बिहार और झारखंड का यह प्रदर्शन चौंकाने वाला है, क्योंकि पहले इन राज्यों से कम से कम एक छात्र टॉप-100 में रहता था. इस बार एक भी छात्र टॉप-100 में जगह नहीं बना सका. हरियाणा, केरल, गुजरात, तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी टॉप-100 में छात्रों की संख्या घटी है. पंजाब, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश से भी टॉप-100 में गिरावट दर्ज की गयी है.

वर्ग आधारित चयन

एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चयनित छात्रों में से 70% आरक्षित वर्ग (ओबीसी, एससी, एसटी, इडब्ल्यूएस) से हैं. कुल 12.36 लाख चयनित छात्रों में से 8.97 लाख आरक्षित वर्ग से आते हैं.

हिंदी माध्यम में बढ़ा रुझान

हिंदी माध्यम में रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों की संख्या में सात वर्षों में 83% की वृद्धि हुई है. 2019 में जहां यह संख्या 1.36 लाख थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 2.5 लाख हो गयी है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है.

स्कोर रेंज और डेटा विश्लेषण:

नीट यूजी 2025 में पहली बार 144–200 अंकों के बीच के छात्रों का आंकड़ा जारी किया गया है. इस रेंज में करीब तीन लाख छात्र शामिल हैं.

स्कोर रेंजछात्र संख्या

651–68673601–65012,659501–60039,521401–5001,02,313301–4001,05,555201–3001,26,375144–200 1,98,346

क्या हैं प्रमुख कारण

-जनरल कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ 113 रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 137 था.- इस बार चयनित छात्रों में 70% आरक्षित वर्ग से हैं. इससे सामान्य श्रेणी की सीटों पर प्रतिस्पर्धा कुछ हद तक संतुलित हुई है.- हिंदी समेत क्षेत्रीय भाषाओं से परीक्षा देने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे टॉप लेवल प्रतियोगिता में फैलाव हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

लेखक के बारे में

By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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