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जदयू के प्रदेश महासचिव को 5 वर्ष की सजा, 21 साल पुराने आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में अदालत का फैसला

जदयू के प्रदेश महासचिव सह विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामबालक सिंह एवं उनके भाई लालबाबू सिंह को 5 वर्ष की सजा सुनायी गयी है. सोमवार की दोपहर बाद विधायक-सांसद सेशन कोर्ट समस्तीपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय प्रणव कुमार झा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से यह फैसला सुनाया है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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पूर्व विधायक रामबालक सिंह को 5 साल की सजा
पूर्व विधायक रामबालक सिंह को 5 साल की सजा
प्रभात खबर

जदयू के प्रदेश महासचिव सह विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामबालक सिंह एवं उनके भाई लालबाबू सिंह को 5 वर्ष की सजा सुनायी गयी है. सोमवार की दोपहर बाद विधायक-सांसद सेशन कोर्ट समस्तीपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय प्रणव कुमार झा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से यह फैसला सुनाया है.

आरोपित दोनों भाइयों को अन्य मामलों में 15 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है. न्यायालय सूत्रों के अनुसार 27 आर्म्स एक्ट में 5 वर्ष की सजा, 324 में 3 वर्ष की सजा, 323 में 1 वर्ष और 341 में एक महीने की सजा सुनाई गई है. सभी मामलों में सजा साथ साथ चलाये जाने का आदेश दिया गया है.

यहां बता दें कि शुक्रवार को इस कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट एवं अन्य आरोप में दोषी मानते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. इस मामले में पूर्व विधायक के साथ आरोपित उनके भाई लालबाबू सिंह को भी दोषी पाया गया था. 21 वर्ष पुरानी विभूतिपुर थाना के आर्म्स एक्ट से सम्बंधित कांड संख्या 62/2000 में यह फैसला सुनाया गया है.

रामबालक सिंह विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं साथ ही वर्तमान में जदयू के प्रदेश महासचिव भी हैं. रामबालक सिंह एवं उसके भाई लालबाबू सिंह पर उनके ही ग्रामीण शिवनाथपुर निवासी सह सीपीआई नेता ललन सिंह पर गोलीबारी कर जानलेवा हमला करने का आरोप था. इधर, पूर्व विधायक को सजा सनाये जाने की जानकारी मिलते ही उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है.

पूर्व विधायक के अधिवक्ता अमिताभ भारद्वाज ने बताया कि वे न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले के विरुद्ध वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे. वहीं पीड़ित पक्ष में इस फैसले के बाद खुशी का आलम है. इस घटना के वादी ललन सिंह ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था कि यहां न्याय जरूर मिलेगा. आज 21 साल बाद उन्हें न्याय मिल गया है.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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