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राज्यभर में खुलेंगे चार हजार आंगनबाड़ी केंद्र

Updated at : 27 May 2025 1:33 AM (IST)
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राज्यभर में खुलेंगे चार हजार आंगनबाड़ी केंद्र

बिहार में एक लाख 10 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है. 2025 अंत तक चार हजार नये आंगनबाड़ी केंद्र खोले जायेंगे.वर्तमान में बिहार में एक लाख 14 हजार केंद्र स्वीकृत हैं, जिनका पूर्ण रूप से संचालन करने की प्रक्रिया तेज की गयी है.

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संवाददाता, पटना

बिहार में एक लाख 10 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है. 2025 अंत तक चार हजार नये आंगनबाड़ी केंद्र खोले जायेंगे.वर्तमान में बिहार में एक लाख 14 हजार केंद्र स्वीकृत हैं, जिनका पूर्ण रूप से संचालन करने की प्रक्रिया तेज की गयी है. समाज कल्याण विभाग के मुताबिक इस वर्ष सभी स्वीकृत केंद्रों का संचालन शुरू करने को लेकर जिलों में कार्रवाई तेज की गयी है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को पोषाहार मिल सके. वहीं, ऐसे केंद्रों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां बच्चों की संख्या कम है या किसी कारण से बंद हो रहे हैं.

18 हजार से अधिक नये आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए केंद्र को भेजा गया है प्रस्ताव : राज्यभर में नये 18 हजार आंगनबाड़ी केंद्र खोलने को लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू की गयी है. पूर्व में भारत सरकार कि महिला एवं बाल विकास ने सभी राज्यों के समाज कल्याण मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुझाव मांगे थे. इसके बाद राज्य सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी बिहार की आबादी को देखते हुए 18 हजार नये केंद्र खोलने का मांग रख चुके हैं,इसको लेकर विभाग ने दोबारा से मांग की है.

विभागीय मंत्री के निर्देश पर अधिकारी सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सही संख्या और कहां केंद्र की अधिक जरूरत है. उन जगहों की पहचान करने में जुटी है, ताकि पुराने वैसे केंद्रों को दूसरे जगहों पर किया जा सके, जहां पर बच्चों की संख्या अधिक है और वहां केंद्र नहीं है.पूर्व में कई बार विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को भी फटकार लगायी है कि बच्चों की संख्या को ध्यान में रखें.

प्ले स्कूल की तर्ज पर होंगे नये आंगनबाड़ी केंद्र : राज्य नये खुलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर शुरू किया जायेगा. स्लम इलाकों के आसपास छोटे-छोटे प्ले स्कूल खुलने से गरीब व्यक्ति भी थोड़े- से पैसे देकर वहीं भेजना चाहते हैं. इसको लेकर जिलों से समीक्षा में रिपोर्ट आने के बाद हर जिले में नये केंद्र को बेहतर ढंग से शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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