पौधारोपण के बाद 18% पौधे हो जा रहे नष्ट, जांच से खुलासा

राज्यभर में मनरेगा से लगाये जा रहे पौधों में 82. 57% पौधे ही जीवित रह रहे हैं. लगभग 17 फीसदी पौधे नहीं बच पा रहे हैं.
संवाददाता, पटना राज्यभर में मनरेगा से लगाये जा रहे पौधों में 82. 57% पौधे ही जीवित रह रहे हैं. लगभग 17 फीसदी पौधे नहीं बच पा रहे हैं. राज्यभर के 30 जिलों में दो लाख एक हजार 65 पौधों की जांच की गयी. इसमें पाया गया कि 82.57 फीसदी पौधे ही जीवित पाये गये. शेखपुरा, लखीसराय, सारण और पटना में पौधों के नष्ट होने की संख्या अधिक पायी गयी है. इसके अलावा गोपालगंज, बांका, नालंदा, औरंगाबाद, अरवल, नालंदा, औरंगाबाद, भोजपुर, किशनगंज में भी पौधारोपण के बाद पौधों के मृत होने की संख्या अधिक मात्रा में पायी गयी है. जून माह में जिलों की हुई रैंकिंग में इन जिलों को पौधों के सर्वाइवल में कम प्वाइंट मिले हैं. राज्यभर में इस साल लगाये जाने हैं 1.93 करोड़ पौधे : राज्यभर में मनरेगा से इस वित्तीय वर्ष 1.93 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. पौधे लगाने के लिए 36 हजार 967 जगह चिह्नित किये गये हैं. इस साल बड़े पैमाने पर सहजन के पौधे लगाये जायेंगे. इमारती और फलदार पौधे भी बढ़ाये जायेंगे. फलदार पौधे भी बड़ी संख्या में लगंगे. 21 लाख 9 हजार 589 फलदार पौधे लगाये जायेंगे, जबकि 85 लाख 40 हजार 295 इमारती पौधे लगाये जायेंगे. वहीं एक लाख 47 हजार 13 पौधे सहजन के लगेंगे. तीन लाख 62 हजार 670 पौधे अन्य गुणकारी पौधों के लगाये जायेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




